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कपड़ा मिला ना बजट कैसे सिले ड्रेस

राज्य के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को मिलने वाली नि:शुल्क यूनिफॉर्म अधरझूल में लटकती नजर आ रही है। इसको लेकर राज्य सरकार ने 2021 में घोषणा की थी, लेकिन सरकारी स्कूलों तक अब तक ना तो कपड़ा पहुंचा और ना ही सिलाई का बजट दिया गया है।

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कपड़ा मिला ना बजट कैसे सिले ड्रेस

कपड़ा मिला ना बजट कैसे सिले ड्रेस

मधुसूदन शर्मा
चूरू. राज्य के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को मिलने वाली नि:शुल्क यूनिफॉर्म अधरझूल में लटकती नजर आ रही है। इसको लेकर राज्य सरकार ने 2021 में घोषणा की थी, लेकिन सरकारी स्कूलों तक अब तक ना तो कपड़ा पहुंचा और ना ही सिलाई का बजट दिया गया है। ऐसे में प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विदयार्थी एक जुलाई से शुरू हुए नए सत्र में बिना यूनिफॉर्म आ रहे हैं। इसमें ये जरूर कहा जा सकता है कि इस अवधि में सरकार ने यूनिफॉर्म का रंग जरूर बदल दिया है। जानकारी के अनुसार छह सौ रुपए में दो यूनिफॉर्म देनी है, जिसमें से 425 रुपए कपड़े और 175 रुपए सिलाई के हैं। कपड़े की आपूर्ति को लेकर टेंडर प्रक्रिया चल रही है, जिसके बाद विद्यालयों में कपड़ा आएगा और सिलाई की राशि विद्यालय प्रबंधन समिति के एसएमसी के खातों में जमा होगी।
बजट घोषणा को धरातल पर आने का इंतजार
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2021 के बजट भाषण में पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को निशुल्क यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। राज्य में 64 हजार 479 सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं तक के 70,77, 465 बच्चे। जिसमें 34, 81,646 छात्र व 35, 95,819 छात्राओं को सिली हुई यूनिफॉर्म निशुल्क देने का निर्णय किया गया था।
इसको लेकर टेंडर प्रक्रिया शुरू की, लेकिन छह सौ रुपए में दो यूनिफॉर्म देने से राशि कम होने पर विभिन्न फर्मो ं ने काम करने से मना कर दिया। इसके बाद निर्णय किया कि फर्म दो ड्रेस का कपड़ा 425 रुपए में देगी, जबकि सिलाई की राशि 175 रुपए संबंधित स्कूल की एसएमसी के खाते में आएंगे।
सरकार ने स्कूलों के बैंक खातों की जुटाई थी जानकारी
निशुल्क यूनिफॉर्म उपलब्ध करवाने को लेकर सरकार ने सरकारी स्कूलों के सभी बैंक खातों की जानकारी जुटाई थी, लेकिन अभी तक न खातों में पैसा आया और न ही बच्चों को यूनिफॉर्म मिल सकी है। अगले माह से नया शैक्षिक सत्र शुरू होना है। अभी भी शिक्षा विभाग की कोई तैयारी नजर नहीं आ रही है।
600 रुपए में देनी है दो यूनिफॉर्म
राज्य सरकार की ओर से पिछले दिनों जारी निविदा में 600 रुपए में दो यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने की शर्त रखी गई थी। ज्यादातर कारोबारियों ने इस शर्त की वजह से निविदा से दूरी बना ली थी। इसके बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कई कंपनियों के प्रतिनिधियों से बात भी की, लेकिन ज्यादातर कंपनियों का कहना था कि महंगाई के इस दौर में 600 रुपए में कपड़ा नहीं आता ऐसे में सिलाई कहां से कराएंगे।
ये रहेगा यूनिफॉर्म का कलर
जानकारी के मुताबिक छात्रों को हल्की नीले शर्ट व गहरी भूरी/धूसर नेकर/पेंट, छात्राओं को हल्की नीली शर्ट/कुर्ता, गहरी भूरी/धूसर सलवार/स्कर्ट कक्षा 5वीं तक छात्राओं को चुन्नी नहीं। कक्षा 6 से 8 तक की छात्राओं की गहरा भूरा/धूसर दुपट्टा (चुन्नी) पांचवीं तक के छात्रों को शर्ट व नेकर व कक्षा 6 से 8 तक शर्ट व पेंट निर्धांरित किया हुआ है।
इनका कहना
&शिक्षा विभाग में नया शिक्षा सत्र शुरू गया है। यूनिफॉर्म का कलर बदलने से सभी विद्यार्थियों को नई यूनिफॉर्म की आवश्यकता है। ऐसे में सरकार व विभाग अतिशीघ्र विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म उपलब्ध करवानी चाहिए और इस कार्य से शिक्षको को दूर रखा जाएं।
मोहर सिंह , प्रदेशाध्यक्ष शिक्षक संघ, रेसटा राजस्थान।


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