
देवस्थान मंत्री राजकुमार रिणवा ने कहा कि उनकी मन की इच्छा एयरफोर्स में जाने की थी, पिता वकील बनाना चाहते थे, लेकिन वे राजनीति में आ गए। राजकीय लोहिया महाविद्यालय में गुरुवार को आयोजित वार्षिकोत्सव 'सरगम' के उद्घाटन समारोह को मुख्य अतिथि पद से सम्बोधित करते हुए रिणवा ने कहा कि उन्होंने खुदीराम बोस कॉलेज कोलकाता से एमकॉम कर लिया था। पिता चाह रहे थे कि मैं वकील बनूं। कोलकाता के सुरेन्द्रनाथ कॉलेज में एलएलबी में प्रवेश ले लिया।
प्रथम और द्वितीय वर्ष की परीक्षा पास कर ली और तृतीय वर्ष की परीक्षा दे रहा था। परीक्षा केन्द्र में उनके आगे एक लड़का बैठा था। वह परीक्षा में नकल की सामग्री लेकर आया था। अचानक उसने वह सामग्री मेरी टेबल पर रख दी। मैंने भी वह सामग्री पीछे बैठी लड़की की टेबल पर रख दी,लेकिन इसी दौरान फ्लाइंग टीम कमरे में घुस गई तो मैंने तुरंत लड़की की टेबल से सामग्री उठाकर अपनी टेबल पर रख ली, लेकिन फ्लाइंग टीम ने मुझे हाथ पकड़कर परीक्षा से बाहर निकाल दिया। इसके बाद उनका मार्ग ही बदल गया। ना तो वे एयरफोर्स में जा सके और ना ही पिता की इच्छा पूरी कर सके। उन्होंने युवाओं से कहा कि नेक काम करने वाले कभी असफल नहीं होते हैं। रिणवा ने लोहिया कॉलेज को दो वाटरकूलर देने की घोषणा की।
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