
चूरू@ पत्रिका। अत्यधिक गर्मी और लू के चलते जिला कलक्टर की ओर से दोपहर में पशुओं को काम में नहीं लेने के आदेश की पालना नहीं हो पा रही है। रामसरा टीलें पर भरी दोपहर में ऊंटों पर पर्यटकों की सवारी करवाई जा रही है। सूचना पर शनिवार को पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पशुओं से काम करवा रहे लोगों को रोका और तीखी धूप और लू में काम नहीं लिए जाने पर पाबंद किया। पशुपालन विभाग चूरू के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. निरंजनलाल चिरानिया तथा सदर पुलिस थाना टीम शनिवार को रामसरा टीले पहुंची। जहां पर्यटकों को तीखी धूप में ऊंट से सवारी करवाई जा रही थी।
टीम के सदस्य ने ऊंट पालको को समझाया और बताया कि गर्मी के मौसम ऊंट यदि बिगड़ गया तो बड़ी परेशानी हो सकती है। इसलिए पशुपालकों को चाहिए कि वे गर्मी के दौरान दोपहर के समय पशुओं को आराम करवाए तथा काम नहीं करवाएं। अधिकारियों ने रामसरा टीले पर पर्यटकों को बैठाकर तपती रेत के टीले पर ऊंट की सवारी करवाने पर रोक लगाई और ऊंट पालकों को क्रूरता अधिनियम की जानकारी दी। टीम के सदस्यों ने ऊंट, घोड़ा व घोड़ी पालकों से कहा कि वे दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक इनसे काम नहीं करवाएं।
संयुक्त दल के सदस्यों ने दोपहर में पशुओं को काम में नहीं लेने के साथ उनके लिए छाया-पानी और चारे की व्यवस्था करने को कहा। सदस्यों ने सभी ऊंट व घोड़ा-घोड़ी पालकों की सूचि बनाकर उन्हें पाबंद किया और उनके लिए चारे-पानी की माकूल व्यवस्था करने को कहा।
जिला प्रशासन की ओर से जारी निषेधाज्ञा और पशु क्रूरता अधिनियमों की पालना में जिला पुलिस अधीक्षक जय यादव के निर्देशन में पुलिस उप अधीक्षक सुनील झाझड़िया की टीम की ओर से पशुओं की सुरक्षा के कार्य में सहयोग दिया जा रहा है। डॉ.चिरानिया ने बताया कि दल की ओर से की जा रही मॉनिटरिंग के साथ ही पशु पालकों को कड़ी हिदायत दी गई हैं, कार्रवाई में डॉ. ईदरीश, संजय हवलदार, पशुधन सहायक भंवरलाल डूडी, सरजीत एवं सुरेन्द्र आदि मौजूद रहे।
Updated on:
12 May 2024 03:52 pm
Published on:
12 May 2024 03:50 pm
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