
एक लुटेरी दुल्हन ने सात जनों के साथ शादी रचाकर एक बार सभी को बनाया अपना दूल्हा तथा बाद में सातों को उल्लू बनाकर छोड़ा। हुआ यूं कि रतनगढ़ तहसील के गांव ठठावता के भादरसिंह पुत्र रतनसिंह राजपूत उम्र 25 साल ने मामला दर्ज कराया है कि 8 अप्रेल 2024 को उसकी शादी वीरपाल पुत्री सुनीलसिंह चौहान निवासी लूणकरणसर जिला बीकानेर के साथ कोर्ट में हुई थी। इसके लिए प्रेमसिंह वगैरह माध्यम बने थे। मुस्तगिस के परिवार वालों से ढा़ई लाख रूपये यह शादी कराने के लिए। मुस्तगिस की मां ने वीरपाल को गहने वगैरह दे दिए।
28 अप्रेल को वीरपाल की सहेली बनकर एक मोनू भाटी नामक लड़की आई। रात को हम लोग सो गए। सुबह उठकर देखा तो वीरपाल व उसकी सहेली लाखों का सामान लेकर फरार हो चुकी थी। माध्यम बने लोगों से बात की तो वे बोले हमने आपसे जो कुछ लेना था, ले लिया अब जो चाहो कर लो। पुलिस ने सन्दर्भित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद इसके बारे में पूरी जानकारी बटोरी तो उक्त लुटेरी दुल्हन के बारे में पता चला कि इसकी पहली शादी ऐलनाबाद-हरियाणा के भागीरथ बावरी के साथ हुई थी, जिसका मुकद्दमा श्रीगंगानगर थाने में दर्ज होना बताया।
दूसरी शादी कोटवाल-लूणकरणसर के विशाल वाल्मीकि से हुई जिसका मामला लूणकरणसर में दर्ज बताया। तीसरी शादी लिछमणराम उर्फ पप्पू निवासी मोकलपुर तहसील मेड़ता सिटी-नागौर के साथ हुई जिसका मामला लूणकरणसर में दर्ज है। चौथी शादी राजेश सारण पुत्र साहबराम सारण निवासी भैरूसरी-रावतसर के साथ 22 मार्च 2021 को हुई। इसका मामला रावतसर थाने में दर्ज है। पांचवी शादी नगासर निवासी बीकानेर से हुई, जिसका मामला दर्ज नहीं हुआ। छठी शादी महीराम निवासी नेछवा के साथ हुई जिसका मामला दर्ज नहीं हुआ और सातवीं शादी भादरसिंह राजपूत के साथ हुई है, जिसका मामला रतनगढ़ थाने में दर्ज हुआ है। उक्त दुल्हन जिसका नाम वीरपाल है मूल रूप से पूर्णाराम बावरी की बेटी है और सूरतगढ़ के कालूबास की रहने वाली है। इसके बीच में एजेंट का काम करने वाले प्रेमसिंह निवासी लूणकरणसर, कमलेश नाई निवासी सूरतगढ़, सोनू भाटी निवासी श्रीगंगानगर, विकास मेघवाल निवासी किशनपुरा सूरतगढ़ बताए गए हैं।
Updated on:
7 May 2024, 3:23 PM IST
Published on:
7 May 2024, 3:23 PM IST
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