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प्यार में शादी की कहानी का दुखद अंत, हत्यारिन पत्नी गिरफ्तार

locationचुरूPublished: Feb 07, 2024 12:16:24 pm

Submitted by:

Devendra Sashtari

शहर की ओम कॉलोनी में दो दिन पहले हुई युवक की मौत के मामले में महिला ने पुलिस को बताया कि उसके पति ने पंखे से लटककर आत्महत्या की है, लेकिन पंख धूल से सना हुआ था। साथ ही उसके कमरे में स्टूल या कुर्सी जैसा कोई साधन भी नहीं था, जिस पर चढ़कर पंखे तक पहुंचा जा सके। ऐसे में सदर थानाधिकारी ने महिला से कड़ाई से पूछताछ की तो वह टूट गई और अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने हत्या के आरोप में मंगलवार को पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है।

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चूरू. यह प्यार में हुई शादी की दुखद कहानी है। साढे चार वर्ष के अभाव भरे जीवन के बाद उसने पति को मौत की नींद सुला दिया। रात में आठ घंटे तक शव के पास बैठकर इसे आत्महत्या दर्शाने का प्रयास किया। सुबह पड़ोसियों को बताया भी यही। लेकिन, कहते हैं कि हत्या के मामले में मौका सबूत उगलता है। शहर की ओम कॉलोनी में दो दिन पहले हुई युवक की मौत के मामले में भी ऐसा ही हुआ है। महिला ने पुलिस को बताया कि उसके पति ने पंखे से लटककर आत्महत्या की है, लेकिन पंख धूल से सना हुआ था। साथ ही उसके कमरे में स्टूल या कुर्सी जैसा कोई साधन भी नहीं था, जिस पर चढ़कर पंखे तक पहुंचा जा सके। ऐसे में सदर थानाधिकारी ने महिला से कड़ाई से पूछताछ की तो वह टूट गई और अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने हत्या के आरोप में मंगलवार को पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। थानाधिकारी करतार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी महिला सरोज (24) तारानगर थाना इलाके के गांव पंडरेउ टिब्बा की रहने वाली है। वह वर्तमान में शहर के ओम कॉलोनी में अपने पति पति मोहनलाल (26) के साथ रहती थी। मोहनलाल मूलत: भादरा थाना इलाके के गांव बेर का निवासी था।

लव मैरिज के बाद चल रहा था जीवन में तनाव

पुलिस ने बताया कि मोहनलाल और सरोज ने करीब साढे चार साल पहले लव मैरिज की थी। इसके बाद वे हिसार में रहने लगे। करीब आठ माह पहले वे चूरू की ओम कॉलोनी में किराए का घर लेकर रहने लगे थे। मोहनलाल मजदूरी करता था। वहीं सरोज कपड़े की दुकान पर काम करती थी। लेकिन दोनों के बीच रिश्ते तनावपूर्ण थे। सरोज ने पुलिस को बताया है कि मोहनलाल शराब पीने का आदि था। वह शराब पीकर उसे परेशान करता था। ऐसे में वह उससे अलग होना चाहती थी।

मोबाइल से सीखा हत्या का तरीका

परेशान होकर सरोज ने अपने पति मोहनलाल की हत्या की साजिश रची। वारदात को अंजाम देने के लिए उसने मोबाइल पर हत्या करने के कई तरीके देखे। उसे गला घोंटकर हत्या करना सबसे आसान लगा। सरोज ने पुलिस को बताया कि हमेशा की तरह वह शनिवार शाम को करीब साढे आठ बजे काम से घर लौटी। जहां पर मोहनलाल पहले से शराब के नशे में बैठा था। इसके बाद मोहनलाल ने शराब के लिए पैसे मांगे। घर में चल रही फाकाकसी को लेकर सरोज ने कहा कि घर में कुछ भी नहीं है और तुम्हें शराब के लिए पैसे चाहिए। इस बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हो गया। सरोज घर से बाहर चली गई। करीब साढे दस बजे लौटी तो मोहनलाल सो गया था। इसके बाद करीब साढ़े दस बजे उसने घर में पहले से मौजूद रस्सी से उसका गला घोंट दिया। जिससे उसकी मौत हो गई। सरोज ने पुलिस को बताया कि वह रात भर मोहनलाल के शव के पास बैठी रही।

परिजनों ने करवाया था हत्या का मामला दर्ज

भादरा इलाके के गांव बेर निवासी पिता दलवीर सिंह ने अपने पुत्र मोहनलाल मेघवाल की हत्या की आशंका जताते हुए पुत्रवधु सरोज के खिलाफ मामला हत्या का मामला दर्ज करवाया था। सरोज बीते छह माह से मोहनलाल पर तलाक देने का दबाव बना रही थी। हत्या करने से दो दिन पहले ही सरोज ने तलाक देने वा भरण पौषण का नोटिस मोहनलाल के परिजनों को गांव भिजवाया था।

आंखों से निकलने के लगे पश्चाताप के आंसू

पति की हत्या के दो दिन बाद भी उसके हाथ का चूड़ा कायम था। आंखों में पश्चाताप के आंसू और दुख कि जिससे बेइंतहा मोहब्बत की थी। आखिर उससे इस तरह से बिछडऩे पड़ेगा। पति की हत्या के आरोप में मंगलवार दोपहर गिरफ्तार होने के बाद सदर थाने में गुमसुम बैठी थी सरोज जब पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो वह पहले तो रोने लगी। बाद में रूंधे गले से बताया कि मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई। आंसू पौंछते हुए बोली मोहनलाल की रोज- रोज की मारपीट से परेशान हो गई थी। मजदूरी के पैसे शराब में उड़ाने के बाद मुझसे पैसे मांगता था। नहीं देने पर नशे में बेदर्दी से पीटता था। घर में फाकाकसी चल रही थी। तलाक लेने की कोशिश की, मगर वह नहीं दे रहा था। उसके परिजनों को बताया तो वे भी उसका पक्ष ले रहे थे। मेरी कहीं सुनवाई नहीं हो रही थी। इसलिए उसे इतना बड़ा कदम उठाना पड़ा।

पहले को तलाक दे की थी दूसरी शादी

आरोपी महिला सरोज ने बताया कि उसकी पहली शादी वर्ष 2018 में गांव चलकोई निवासी जीवण के साथ हुई थी। इसके बाद वह 5 से 6 बार ससुराल गई। मगर, सतीश पसंद नहीं था तो उसे तलाक दे दिया। इसके बाद भादरा तहसील के गांव बेर का रहने वाला मोहनलाल मेघवाल उसे मामा की लडक़े की शादी में मिला। इसके बाद दोनों में हुई पहचान दोस्ती से प्यार में बदली। तेजी से बीत रहे समय के साथ दोनों ने साथ रहने का फैसला किया। साल 2019 में घर से भागकर हिसार में शादी कर ली। वहां पर एक साथ रहने लगे। करीब आठ माह पूर्व चूरू की ओम कॉलोनी में आकर रहने लगे थे। मोहनलाल यहां पर मजदूरी करता था। जबकि आरोपी सरोज नई सडक़ पर एक रेडिमेड गारमेंट की शोप पर काम करती थी।

पुलिस अब करेगी उसके मोबाइल की जांच

सरोज की ओर से हत्या की वारदात स्वीकार करने के बाद पुलिस ने अब उसके मोबाइल की जांच शुरू कर दी है। हालांकि अब तक की जानकारी और अपराध के तरीके को देखते हुए पुलिस का मानना है कि वारदात को अकेले सरोज ने ही अंजाम दिया था। लेकिन सरोज नई सड़क पर एक दुकान में काम करती थी। ऐसे में पुलिस अब यह पता कर रही है कि सरोज किन लोगों के सम्पर्क में थी।

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