
सीकर.
भाषा, साहित्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम कर रहा चूरू का प्रयास संस्थान अपने राजस्थानी वार्षिक पुरस्कारों की कड़ी में इस वर्ष का सावित्री चौधरी खूमसिंह साहित्य पुरस्कार कोटा की लेखिका कमला कमलेश को देगा। इस संबंध में संस्थान की ओर से यह घोषणा की गई। प्रयास संस्थान के अध्यक्ष दुलाराम सहारण ने बताया कि कमला कमलेश का यह पुरस्कार राजस्थानी संस्मरण की पुस्तक ओल्यूं ई ओल्यूं के लिए प्रदान किया जाएगा।
संस्थान सचिव कमल शर्मा ने बताया कि राजस्थानी भाषा की लेखिकाओं के लिए प्रारंभ यह वार्षिक पुरस्कार वर्ष 2016 में जोधपुर की डॉ. तारा लक्ष्मण गहलोत तथा 2017 में बीकानेर की आनंद कौर व्यास को दिया जा चुका है। इसी कड़ी में वर्ष 2018 का यह पुरस्कार कोटा की कमला कमलेश का दिया जाएगा। इस पुरस्कार के तहत ग्यारह हजार रुपए का चैक, शॉल, श्रीफल और मानपत्र प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार आगामी माह चूरू जिला मुख्यालय पर आयोजित एक समारोह में प्रदान किया जाएगा।
राजस्थानी की उल्लेखनीय हस्ताक्षर हैं कमला कमलेश
20 अप्रेल 1938 को बारां जिले के जलवाड़ा में जन्मीं तथा वर्तमान में कोटा में रह रहीं कमला कमलेश एम.ए., बी.एड. हैं। हिंदी तथा राजस्थानी में निरंतर सृजनशील कमला कमलेश को लेखकीय संस्कार पति स्वर्गीय गौरीशंकर कमलेश से मिले। लंबे लेखकीय संघर्ष के बाद आपकी संस्मरण कृति वा दनां की बातां, उपन्यास राधा, कहानी संग्रह पगफेरो जब राजस्थानी में आई, तो नया भाषिक मुहावरा पाठकों ने पढा।
उल्लेखनीय है कि हाड़ौती की काव्य संपदा, हाड़ौती की कहावतें और मुहावरों पर भी आपका विशेष काम है। इससे पहले श्रीमती कमलेश राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, बीकानेर, कमला गोइन्का फाउण्डेशन, मुंबई तथा सृजन सेवा संस्थान, श्रीगंगानगर के पुरस्कारों सहित अनेक पुरस्कार मिल चुके हैं।
Published on:
10 Jan 2018 05:31 pm
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