
14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी (फोटो- IANS)
Vaibhav Suryavanshi Success Story: भारतीय क्रिकेट का उभरता चेहरा वैभव सूर्यवंशी का नाम हर भारतीय क्रिकेट फैन की जुबान पर है। मात्र 14 साल की उम्र में ही क्रिकेट जगत में तहलका मचा देने वाले वैभव अभी भारत की अंडर19 वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा हैं। इतनी छोटी उम्र में ही वैभव ने कई ऐसी उपलब्धियां अपने नाम कर दी हैं, जो एक सामान्य खिलाड़ी के लिए काफी मुश्किल हो सकती है। बल्लेबाजी में अपने विस्फोटक अंदाज के लिए जाने जाने वाले वैभव सभी को अपने बेबाक अंदाज से प्रभावित कर चुके हैं। आइए देखते हैं वैभव के बिहार के समस्तीपुर जिले से निकलकर भारतीय क्रिकेट तक पहुंचने की कहानी, उनके स्ट्रगल और सक्सेस के बारे में।
वैभव सूर्यवंशी के क्रिकेट सफर की नींव उनके पिता के संघर्ष से जुड़ी है। पिता खुद क्रिकेट खेल चुके थे, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पाए। बेटे में प्रतिभा देखकर उन्होंने तय किया कि वैभव का सपना अधूरा नहीं रहने देंगे। इसके लिए उन्हें कर्ज लेना पड़ा और कई निजी जरूरतों को पीछे रखना पड़ा। उन्होंने वैभव को पहले समस्तीपुर की अकादमी में ट्रेनिंग कराई, फिर एक दिन के अंतराल से प्रैक्टिस के लिए पटना जाते थे।
वैभव की मां की भूमिका भी उतनी ही अहम रही। रात में 11 बजे सोकर, सुबह चार बजे प्रैक्टिस के लिए निकलने वाले बेटे के लिए वे रात को 2 बजे उठती थीं। घर के काम और बेटे की देखभाल दोनों जिम्मेदारियां निभाईं। कई बार नींद पूरी नहीं हो पाती थी, लेकिन बेटे की तैयारी में कोई कमी नहीं आने दी गई। उनका मानना था कि मेहनत का फल जरूर मिलेगा। यही अनुशासन और नियमित दिनचर्या वैभव की फिटनेस और मानसिक मजबूती की वजह बनी।
बहुत कम उम्र में वैभव ने राज्य स्तर पर खेलते हुए अपनी बल्लेबाजी से पहचान बनाई। उन्होंने मात्र 12 वर्ष की आयु में रणजी में बिहार के लिए डेब्यू किया। तेज रन बनाने की क्षमता और आत्मविश्वास ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए शानदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा।
अंडर 19 टीम में जगह मिलना उनके लिए बड़ा मोड़ साबित हुआ। अंतरराष्ट्रीय युवा मुकाबलों में उन्होंने दबाव के बावजूद संतुलित प्रदर्शन किया। अंडर 19 एशिया कप में उनकी मौजूदगी यह दिखाती है कि वे भविष्य की योजनाओं का हिस्सा माने जा रहे हैं।
वैभव सूर्यवंशी ने 14 साल की उम्र में ही कई रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शतकीय पारी खेलकर उन्होंने पाकिस्तान के बाबर आजम का रिकॉर्ड तोड़ा था। वह अब यूथ वनडे में 15 साल की आयु से पहले तीन शतक लगाने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। इसके अलावा उनके नाम यूथ वनडे में दूसरा सबसे तेज शतक दर्ज है। यूथ वनडे की एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज भी हैं।
आईपीएल में भी उन्होंने 35 गेंदों में शतक जड़ा था, जो आईपीएल इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक था। वह आईपीएल में शतक लगाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी भी बने। इसके अलावा वह टी20 में शतक लगाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी हैं। वैभव टी20 क्रिकेट में 3 शतक लगाने वाले एकमात्र टीनेजर हैं।
Updated on:
15 Jan 2026 01:03 pm
Published on:
15 Jan 2026 01:02 pm
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