इंग्लैंड की जीत में 5 देशों के इन 7 'विदेशी' खिलाड़ियों का रहा हाथ, जाने इनके प्रदर्शन के बारे में

  • World Cup के फाइनल मुकाबले में बेन स्टोक्स रहे मैन ऑफ द मैच
  • जोफरा आर्चर ने इंग्लैंड की ओर से लिया सबसे अधिक विकेट

Mazkoor Alam

July, 1607:34 AM

नई दिल्ली : क्रिकेट जगत का नया चैम्पियन मिल गय है। आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2019 ( ICC cricket world cup 2019 ) में रविवार को इंग्लैंड क्रिकेट टीम ( England cricket team ) ने सुपर ओवर में फाइनल मुकाबला टाई खेलकर ज्यादा बाउंड्री मारने के आधार पर यह खिताब अपने नाम किया है। लेकिन यह जानकर हैरत होगी कि इस विश्व विजेता इंग्लिश टीम में तकरीबन आधे खिलाड़ी विदेशी मूल के थे। जी हां, यह चौंकाने वाला तथ्य है, लेकिन सच है। इंग्लैंड के विश्व कप की 15 सदस्यीय टीम में सात खिलाड़ी विदेशी मूल के हैं।

दो विदेशी मूल के खिलाड़ियों ने दिलाई फाइनल में जीत

अगर विश्व कप फाइनल की बात करें तो एक समय इंग्लैंड चार विकेट खोकर हार के कगार पर पहुंच गया था। यहां से नाबाद 84 रनों की पारी खेलकर बेन स्टोक्स ने इंग्लैंड को न्यूजीलैंड के स्कोर के बराबर पहुंचाया। इसके बाद सुपर ओवर में भी बल्लेबाजी करने आए तथा तीन गेंद खेलकर आठ रन बनाए। इस तरह उन्होंने इंग्लैंड के लिए जीत का मंच तैयार किया। स्टोक्स ने जोस बटलर के साथ मिलकर न्यूजीलैंड के सामने सुपर ओवर में जीत के लिए 16 रनों का लक्ष्य रखा था। इसके बाद सुपर ओवर फेंकने की जिम्मेदारी भी एक विदेशी मूल के क्रिकेटर जोफरा आर्चर को दी गई। वह भी अपने दायित्व पर खरे उतरे। उन्होंने न्यूजीलैंड को 15 रनों पर रोककर इंग्लैंड को पहला विश्व कप दिला दिया। बता दें कि इंग्लैंड 1975 से विश्व कप में भाग ले रहा है, लेकिन 44 साल के इतिहास में यह उसका पहला एकदिवसीय विश्व कप खिताब है।

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इन खिलाड़ियों का है इस देश से संबंध

 

ben stokes jofra archer
खिलाड़ी मूल देश
इयॉन मार्गन (कप्तान) आयरलैंड
जोफरा आर्चर विंडीज
बेन स्टोक्स न्यूजीलैंड
आदिल रशीद पाकिस्तान
मोइन अली पाकिस्तान
जेसन रॉय दक्षिण अफ्रीका
टॉम कुर्रन दक्षिण अफ्रीका
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ऐसा रहा इनका प्रदर्शन

इयॉन मार्गन : इंग्लैंड टीम के कप्तान। 2015 विश्व कप में जब ग्रुप स्टेज से ही इंग्लैंड बाहर हो गई थी, तब भी कमान इनके पास ही थी, लेकिन इस विश्व कप में इन्होंने बल्ले से भी अच्छा प्रदर्शन किया और अपनी नेतृत्व क्षमता का भी जबरदस्त परिचय दिया। इन्होंने 10 मैचों में एक शतक और एक अर्धशतक की मदद से 371 रन बनाए।

बेन स्टोक्स : इन्होंने 11 मैच की 10 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 5 अर्धशतक की मदद से 465 रन बनाए और 11 पारियों में गेंदबाजी करते हुए 7 विकेट लिए। स्टोक्स इंग्लैंड के लिए मैच विजेता खिलाड़ी साबित हुए। यह वही बेन स्टोक्स हैं, जो 2016 टी-20 विश्व कप में इंग्लैंड के लिए विलेन साबित हुए थे। टी-20 विश्व कप के फाइनल में विंडीज के कार्लोस ब्रेथवेट ने इनके आखिरी ओवर में लगातार चार छक्के मारकर इंग्लैंड के हाथों से जीत छीन ली थी। लेकिन इस बार विश्व कप के फाइनल में आखिरी ओवरों में एक विजेता की तरह प्रदर्शन कर उन्होंने बहुत हद तक इस कलंक को धो दिया है।

जेसन रॉय : इस टीम के ओपनर जेसन रॉय ने तकरीबन हर मैच में इंग्लैंड को जोरदार शुरुआत दिलाई। कह सकते हैं कि एक हद तक विश्व कप में जब-जब इन्होंने इंग्लैंड को अच्छी शुरुआत दिलाई, जीत इंग्लैंड ने जीत हासिल की। इन्होंने सात मैचों एक शतक और 4 अर्धशतक की मदद से 443 रन बनाए। इंग्लैंड की ओर से सबसे बड़ी पारी और विश्व कप की दूसरी सबसे बड़ी पारी भी इनके नाम रही। इन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ 153 रनों की पारी खेली थी।

जोफरा आर्चर : इंग्लैंड की गेंदबाजी अगर इस विश्व कप में सशक्त दिखी तो इन्हीं की बदौलत। इन्होंने 11 मैचों कुल 20 विकेट लिए। इंग्लैंड की ओर से इनकी इकोनॉमी भी सबसे शानदार रही। इन्होंने महज 4.57 इकोनॉमी से रन दिए। इससे इस गेंदबाज का विश्व कप में कैसा जलवा रहा, इसका अंदाजा लगा सकते हैं। बल्लेबाजों के लिए इनके सामने एक-एक रन बनाना मुश्किल पड़ा।

आदिल रशीद : 11 मैचों की पांच पारियों में बल्लेबाजी का मौका मिला। इसमें उन्होंने 45 रन बनाए, लेकिन गेंदबाजी में कमाल दिखाते हुए 11 पारियों में 11 विकेट लिए।

मोइन अली : इंग्लैंड में इस विश्व कप के अधिकतर मैचों में ओवरकॉस्ट कंडिशन रहने के कारण तेज गेंदबाजों को ज्यादा मौका मिला। इस वजह से मोइन अली को सिर्फ पांच मैचों में मौका मिला, लेकिन उन्होंने इसमें बेहतर प्रदर्शन किया। 75 रन बनाने के अलावा 5 विकेट भी अपने नाम किए।

टॉम कुर्रन : बेहद प्रतिभाशाली आलराउंडर। लेकिन इस विश्व कप में इंग्लैंड की टीम में इतने ज्यादा आलराउंडर्स थे कि इनके लिए जगह ही नहीं बन सकी।

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