
Gabba Stadium Demolition Plan: क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के हवाले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि गाबा के जिस मैदान पर भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया का घमंड चकनाचूर करते हुए इतिहास रचा था, अब उस गाबा को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ध्वस्त करने की योजना बना रहा है। सीए की रिपोर्ट के मुताबिक, 2032 ओलंपिक गेम्स के बाद प्रतिष्ठित गाबा को जमींदोज कर दिया जाएगा और क्रिकेट ब्रिसबेन के विक्टोरिया पार्क क्षेत्र में 60 हजार दर्शकों की क्षमता वाले नए स्टेडियम में स्थानांतरित हो जाएगा। क्वींसलैंड के प्रीमियर डेविड क्रिसफुली ने मंगलवार 25 मार्च को ओलंपिक गेम्स के बुनियादी ढांचे के लिए नई योजनाओं की घोषणा की, जिसमें क्रिकेट को सबसे आगे रखा गया है।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने एक बयान जारी कर कहा है कि प्रतिष्ठित गाबा को ध्वस्त करने और नया स्टेडियम बनाने का निर्णय वेन्यू और शेड्यूलिंग को लेकर निश्चितता देता है। साथ ही उन्हें यह सुनिश्चित करने की अनुमति देता है कि ब्रिसबेन प्रभावी रूप से क्रिकेट की मेजबानी कर सके।
सीए ने यह भी कहा कि हमने क्वींसलैंड क्रिकेट, एएफएल और ब्रिस्बेन लायंस के साथ मिलकर विक्टोरिया पार्क में स्टेडियम बनाने की पुरजोर वकालत की है और क्रिकेट इस महत्वपूर्ण निवेश से क्रिकेट फैंस और क्वींसलैंड के लोगों के लिए लंबे समय तक लाभ देने में प्रमुख भूमिका निभाएगा।
क्रिसफुली ने कहा कि ब्रिस्बेन को ओलंपिक की मेजबानी के लिए एक नए स्टेडियम की जरुरत है। गाबा अब अपने जीवन के अंतिम चरण में है। इसका रखरखाव ठीक से नहीं किया गया है। हमें शानदार शो की मेजबानी के लिए एक स्टेडियम की आवश्यकता है और विरासत के खेल के लिए ये एक अवसर है।
बता दें कि गाबा में 1931 में पहला टेस्ट आयोजित किया गया था। यहां अब तक 67 मैचों का आयोजन हो चुका है। गाबा ने हाल ही में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान भी एक टेस्ट की मेजबानी की, जो ड्रॉ पर समाप्त हुआ।
गाबा से भारतीय टीम की यादें जुड़ी हुई हैं। जनवरी 2021 में भारत ने यहां एतिहासिक जीत दर्ज करते हुए ऑस्ट्रेलिया के घमंड को चकनाचूर कर दिया था। उससे पहले गाबा में ऑस्ट्रेलिया की टीम अजेय थी, लेकिन भारत ने तीन विकेट से जीत दर्ज करते हुए उसके विजय रथ को रोक दिया था।
उस टेस्ट में टीम इंडिया की ओर से ऋषभ पंत, शुभमन गिल, वॉशिंगटन सुंदर और शार्दुल ठाकुर ने अहम भूमिका निभाई थी। इन युवा खिलाडि़यों ने वह करिश्मा कर दिखाया था, जो दुनिया के बड़े से बड़े दिग्गज नहीं कर सके थे।
Updated on:
25 Mar 2025 01:59 pm
Published on:
25 Mar 2025 01:59 pm
