
बांग्लादेश टीम। (फोटो- Cricbuzz)
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) को अब आईसीसी से सस्पेंशन का डर सता रहा है, क्योंकि उसकी ताजा लड़ाई अब सिर्फ घरेलू प्रशासनिक विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे दायरे तक पहुंच गई है जिस पर आईसीसी की पैनी नजर रहती है। रिपोर्ट के अनुसार, बोर्ड देश के खेल अधिकारियों से 2025 के बीसीबी चुनावों में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए गठित पांच सदस्यीय जांच समिति को बंद करने को कहा है। बीसीबी का तर्क है कि इस कदम को एक निर्वाचित बोर्ड के कामकाज में दखलंदाजी के तौर पर देखा जा सकता है।
दरअसल, जांच समिति का गठन नेशनल स्पोर्ट्स काउंसिल ने 11 मार्च को किया था और 15 दिन में समिति से रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। समिति को चुनावों में अनियमितताओं, हेरफेर और सत्ता के दुरुपयोग के आरोपों की जांच करना है, जिसके बाद अमीनुल इस्लाम बीसीबी अध्यक्ष बने थे। सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज एकेएम असदुज्जमां इस पैनल की अगुवाई कर रहे हैं, जिसमें सरकार, पुलिस, कानून और मीडिया के अधिकारी भी शामिल हैं।
बीसीबी के बयान से यह साफ हो जाता है कि वह इस मुद्दे को अत्यंत संवेदनशील क्यों मान रहा है। बोर्ड के बयान में कहा गया है कि इस संदर्भ में, आईसीसी नेतृत्व के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ हुई चर्चाओं में इस मामले का अनौपचारिक रूप से जिक्र किया गया है। साथ ही यह संकेत दिया गया कि ऐसे घटनाक्रम, जिन्हें लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित क्रिकेट बोर्ड के कामकाज में दखलंदाजी के तौर पर देखा जा सकता है, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के ढांचे के भीतर शासन संबंधी चिंताएं पैदा कर सकते हैं।
आईसीसी ने पहले भी ऐसे मामलों में कार्रवाई की है, जहां शासन के नियमों का उल्लंघन हुआ था। श्रीलंका क्रिकेट को नवंबर 2023 में अपने मामलों को स्वतंत्र रूप से चलाने में नाकाम रहने और सरकारी दखलंदाजी के कारण निलंबित कर दिया गया था। इस निलंबन के हटने से पहले जनवरी 2024 में 2024 अंडर-19 वर्ल्ड कप को श्रीलंका से बाहर स्थानांतरित कर दिया गया था। हाल ही में सितंबर 2025 में यूएसए क्रिकेट की सदस्यता को आईसीसी की सदस्यता के मानदंडों का लगातार पालन न करने के कारण निलंबित कर दिया गया था।
क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार, बीसीबी इस मामले में तुरंत आईसीसी के पास नहीं जाना चाहता है। इसके बजाय उसने कहा है कि वह पहले नेशनल स्पोर्ट्स काउंसिल के साथ सीधे तौर पर बातचीत करना चाहता है। बयान में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बांग्लादेश क्रिकेट पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को देखते हुए बीसीबी इस मामले को पूरी सावधानी और पारदर्शिता के साथ सुलझाना महत्वपूर्ण मानता है। बोर्ड ने राष्ट्रीय खेल परिषद से अनुरोध किया है कि वह इस मामले को इस तरह से सुलझाए, जिससे बांग्लादेश क्रिकेट की स्थिरता, स्वतंत्रता और निरंतर प्रगति सुरक्षित रहे।
रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि चुनावी प्रणाली की श्रेणी-2 में आने वाले ढाका क्लबों के एक बड़े वर्ग ने मौजूदा बोर्ड को पहले ही अवैध घोषित कर दिया है और 2025-26 की ढाका लीगों का बहिष्कार कर दिया है। इसका मतलब है कि अब यह मामला केवल एक जांच समिति तक सीमित नहीं रह गया है। अब यह इस बात का सवाल है कि बांग्लादेश क्रिकेट की वैधता पर किसका नियंत्रण है।
Published on:
17 Mar 2026 10:02 am
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