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भारतीय टीम के कोचिंग स्टाफ में हो सकते हैं बड़े बदलाव, इन पर लटकी BCCI की तलवार

BCCI एशिया कप 2025 के बाद भारतीय टीम के कोचिंग स्टाफ में बदलाव कर सकता है, जिसमें रेयान टेन डेशकाटे और मोर्ने मोर्केल प्रमुख तौर पर निशाने पर होंगे।
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India's head coach Gautam Gambhir and others

BCCI सपोर्ट स्टाफ में फेरबदल करने वाला है। (photo - IANS)

IND vs ENG: एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के तहत भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जा रही है। इंग्लैंड की टीम टेस्ट सीरीज में भारत पर 2-1 की बढ़त बनाए हुए, जबकि एक मैच ड्रॉ रहा है। अब दोनों टीमों के बीच आखिरी टेस्ट 31 जुलाई से 4 अगस्त तक खेला जाएगा। इन सबके बीच भारतीय टीम के प्रदर्शन पर चर्चा शुरू हो गई है। एक तरफ जहां भारतीय बल्लेबाजों ने कमाल का प्रदर्शन किया है, वहीं गेंदबाजों का प्रदर्शन फीका रहा है। ऐसे में भारतीय टीम के कोचिंग स्टाफ में बदलाव को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है।

कोचिंग स्टाफ में बदलाव के संकेत

एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) एशिया कप 2025 के बाद और वेस्टइंडीज के खिलाफ भारतीय टीम के अगले टेस्ट सीरीज से पहले कोचिंग स्टाफ में बदलाव संभव है। रिपोर्ट की मानें तो गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल और असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है, जबकि बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक और फील्डिंग कोच टी दिलीप पर कोई भी खतरा नहीं है।

बीसीसीआई अधिकारियों का मानना है कि मोर्ने मोर्केल को भारतीय टीम से जुड़े हुए एक साल हो गए हैं, लेकिन वो भविष्य के लिए एक भी गेंदबाज तैयार नहीं कर सके हैं। वहीं उनकी नियुक्ति के बाद से भारतीय टीम की बॉलिंग में गिरावट देखी गई है। वैसे देखा जाए तो मौजूदा कोचिंग यूनिट 13 टेस्ट मैचों में सिर्फ चार जीत हासिल कर पाई है, इस रिकॉर्ड ने बदलाव की मांग को और तेज कर दिया है।

अजीत अगरकर पर भी BCCI की नजर

बढ़ते दबाव के बावजूद, बीसीसीआई भारतीय क्रिकेट के संक्रमण काल में निरंतरता बनाए रखने के लिए गंभीर को लंबे समय तक टीम में बनाए रखेगा। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर और पैनल के सदस्य शिव सुंदर दास, जो वर्तमान में इंग्लैंड में टीम के साथ हैं, पर भी बोर्ड कड़ी निगरानी रख रहा है।