
क्रिकेट इतिहास का ‘ब्लैक डे’ (फोटो- IANS)
साल 2014 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 4 टेस्ट मैचों की सीरीज खेली गई थी। उस दौरे पर ऐसा हादसा हुआ, जिसे क्रिकेट फैंस शायद ही कभी भूल पाएं। 9 दिसंबर से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले ऑस्ट्रेलिया के उभरते हुए स्टार बल्लेबाज फिल ह्यूज की एक मैच के दौरान सिर में गेंद लगने से मौत हो गई थी। सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर 25 नवंबर 2014 को शेफील्ड शील्ड में साउथ ऑस्ट्रेलिया और न्यू साउथ वेल्स के बीच मुकाबले की शुरुआत हुई थी। खेल के तीसरे दिन सीन एबॉट की गेंद फिल ह्यूज की गर्दन पर लगी और उन्होंने क्रिकेट की पिच पर ही दुनिया को अलविदा कह दिया।
इसी वजह से क्रिकेट इतिहास में 27 नवंबर को ‘ब्लैक डे’ के तौर पर याद रखा जाता है। शेफील्ड शील्ड के इस मैच में साउथ ऑस्ट्रेलिया के कप्तान जोहान बोथा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया था। इस मुकाबले में शानदार प्रदर्शन कर वे भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले लय हासिल करना चाहते थे। लेकिन कोई नहीं जानता था कि वे इस सीरीज से पहले ही दुनिया को अलविदा कह जाएंगे।
सिडनी में फिल ह्यूज इस मुकाबले में मार्क कॉसग्रोव के साथ सलामी बल्लेबाज के तौर पर उतरे थे और दोनों ने पहले विकेट के लिए 23.4 ओवर में 61 रन की साझेदारी की। मार्क कॉसग्रोव 68 गेंदों में 32 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें नाथन लायन ने कैच आउट कराया। कॉसग्रोव की इस पारी में 9 चौके शामिल थे। इसके बाद फिल ह्यूज को कैलम फर्ग्यूसन का साथ मिला और दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 61 रन की साझेदारी की। फर्ग्यूसन 4 चौकों की मदद से 28 रन बनाकर आउट हो गए।
इसके बाद टॉम कूपर चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे। दोनों खिलाड़ियों का मकसद यहां से साउथ ऑस्ट्रेलिया को मजबूत स्थिति में पहुंचाना था, लेकिन 49वां ओवर ही मैच का ‘अंतिम ओवर’ साबित हुआ। सीन एबॉट के 10वें ओवर की तीसरी गेंद ह्यूज की गर्दन पर जाकर लगी और वे मैदान पर गिर गए। फील्डिंग करने वाली टीम के सभी खिलाड़ी धीरे-धीरे ह्यूज के पास आ गए, लेकिन तब तक वे बेहोश हो चुके थे। उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन ह्यूज क्रिकेट की पिच पर ही दुनिया को अलविदा कह चुके थे।
फिल ह्यूज ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 26 टेस्ट, 25 वनडे और 1 टी20 मैच खेला था। उन्होंने टेस्ट में 32.66 की औसत से 1535 रन बनाए थे। इस दौरान उन्होंने 3 शतक और 7 अर्धशतकीय पारियां खेली थीं। इसके अलावा उन्होंने वनडे में 826 रन और इकलौते टी20 में 6 रन बनाए थे। इस हादसे के बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने फिल ह्यूज के सम्मान में उनकी जर्सी नंबर 64 को रिटायर कर दिया। जब सीरीज शुरू हुई, तो टीम इंडिया के उस समय के कप्तान एमएस धोनी ने पहले टेस्ट के बाद टेस्ट क्रिकेट से अचानक संन्यास ले लिया।
Updated on:
27 Nov 2025 03:22 pm
Published on:
27 Nov 2025 03:19 pm
बड़ी खबरें
View Allक्रिकेट
खेल
ट्रेंडिंग
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
