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केपटाउन टेस्ट के दौरान बने 5 बड़े रिकॉर्ड, टीम इंडिया के खाते में आई 3 खास उपलब्धियां

केपटाउन टेस्ट में भारतीय टीम को भले ही हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन इसके बावजूद भारतीय गेंदबाजों ने यहां अपनी शानदार चमक बिखेरी।

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ind vs sa

नई दिल्ली। केपटाउन में खेले गए पहले मैच को जीत कर दक्षिण अफ्रीका ने सीरीज में अपनी बढ़त बना ली है। गेंदबाजों की मुफीद रही न्यूलैंड्स स्टेडियम में पांच दिनी टेस्ट का परिणाम महज तीन दिन में ही सामने आ गया। इस मैच में दोनों टीमों के तेज गेंदबाजों ने अपनी गेंदबाजी कौशल का बेहतरीन मुजाहिरा पेश किया। मैच के तीसरे दिन 18 विकेट गिरे। जिससे बारिश के बाद ड्रॉ की ओर बढ़ते मैच में परिणाम आ गया। केपटाउन टेस्ट के दौरान कई नए रिकॉर्ड बने। इस मैच ने तेज और उछालयुक्त गेंदों को खेलने की भारतीय बल्लेबाजों की कमजोरी को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

अफ्रीकी टीम की लगातार आठवीं टेस्ट जीत
केपटाउन टेस्ट में जीत दर्ज करते ही मेजबान टीम ने घरेलू सरजमीं पर लगातार आठवां मैच जीत लिया। बता दें कि अगस्त 2016 के बाद से साउथ अफ्रीका ने न्यूजीलैंड के खिलाफ एक, श्री लंका के खिलाफ तीन, बांग्लादेश के खिलाफ दो और जिमबाब्वे और भारत के खिलाफ एक-एक टेस्ट मैच जीता है। गौरतलब हो कि अपने घरेलू पिच पर अफ्रीका बेहद मजबूत टीम मानी जाती है।

भारतीय गेंदबाजों का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
इस मैच में भारतीय टीम को बेशक हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन भारतीय तेज गेंदबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। इस मैच में भारतीय तेज गेंदबाजों ने कुल 17 विकेट लिए। जो उनका साउथ अफ्रीका में उनका दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले साल 1996-97 में खेले गए डरबन टेस्ट में भारतीय तेज गेंदबाजों ने 18 विकेट हासिल किया था।

साहा ने किए 10 शिकार
ऋद्धिमान साहा ने इस मैच में विकेट के पीछे 10 शिकार किए। यह भारतीय रेकॉर्ड है। उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी के 9 शिकार को पीछे छोड़ा। धोनी ने 2014 में मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 8 कैच और एक स्टंप किया था। इस सूची में इंग्लैंड के दिग्गज आंद्रे रसेल और दक्षिण अफ्रीका के अब्राहम डिविलियर्स संयुक्त रूप से पहले स्थान पर हैं। दोनों के नाम एक मैच में 11-11 कैच हैं।


फिलेंडर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
मैन ऑफ द मैच बने वार्नेल फिलेडर ने इस मैच में कुल 9 विकेट लिए। फिलेडर ने दूसरी पारी में 42 रन खर्च करते हुए 6 विकेट चटकाए। जो कि उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले उन्होंने मार्च 2012 में न्यू जीलैंड के खिलाफ हैमिल्टन में 44/6 विकेट लिए थे।

पहली बार हुआ ऐसा
इस मैच में ऐसा पहली बार हुआ, जब मैच की दोनों पारियों में भारत की ओर से खेल रहे सभी चार तेज गेंदबाजों ने विकेट हासिल किया। बता दें कि पहली पारी में शमी, भुवनेश्वर, बुमराह और हार्दिक ने क्रमश: 1,4,1,1 विकेट हासिल किया था। जबकि दूसरी पारी में शमी, भुवनेश्वर, बुमराह और हार्दिक ने क्रमश: 3,2,3,2 विकेट हासिल किया था।