रणजी ट्रॉफी में दिल्ली के पूर्व कप्तान मिथुन मनहास ( Mithun Manhas ) का परिवार जम्मू ( Jammu ) के डोडा जिले में रहता है।
नई दिल्ली।जम्मू-कश्मीर में पिछले कई दिनों से हालात तनावपूर्ण हैं। घाटी में आर्टिकल 370 के हटने के बाद से वहां सेना की जबरदस्त तैनाती है। एहतियातन धारा 144 लागू होने से आम कश्मीरी अपने घरों में ही रहने को मजबूर हैं। हालांकि सेना की तरफ से सभी लोगों के लिए हर संभव मदद मुहैया कराई जा रही है। इस बीच जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में भद्रवाह इलाके में भारतीय क्रिकेटर मिथुन मनहास का परिवार भी रहता है, जो कि इन तनावपूर्ण हालातों के बीच फंस गया है, लेकिन भारतीय सेना ने इस परिवार की हर संभव मदद की है, जिसके लिए मिथुन मनहास ने इंडियन आर्मी का शुक्रिया अदा किया है।
मिथुन ने सेना के सम्मान में ट्विटर पर डाली ये पोस्ट
दिल्ली रणजी टीम के पूर्व कप्तान और आईपीएल में चेन्नई, दिल्ली और पुणे वॉरियर्स जैसी टीमों के खेल चुके मिथुन मनहास ने ट्विटर पर एक पोस्ट डाली है, जिसमें उन्होंने भारतीय सेना का शुक्रिया अदा किया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा है, ' मेरे दादा-दादी भद्रवाह में रहते हैं, वो काफी बुजुर्ग हैं, मुझे अभी खबर मिली कि वो सकुशल हैं। मैं इंडियन आर्मी को उनका ख्याल रखने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। उन्होंने मेरे दादा-दादी की देखरेख की और उनकी दवाइयां भी पहुंचाई। जय जवान।'
20 साल तक मिथुन ने खेला है फर्स्ट क्लास क्रिकेट
आपको बता दें कि मिथुन जम्मू के ही रहने वाले हैं। रणजी ट्रॉफी में उन्होंने कई सालों तक दिल्ली की कप्तानी की है। मिथुन मन्हास ने अपना आखिरी फर्स्ट क्लास मैच साल 2016 में खेला था। उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 45.82 के औसत से 9,714 रन बनाए, जिसमें 27 शतक और 49 अर्धशतक शामिल थे।
जम्मू-कश्मीर में क्यों तनावपूर्ण हैं हालात?
बीते सोमवार को केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटा दिया था। आर्टिकल 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर को प्राप्त विशेष राज्य का दर्जा भी छिन गया और सरकार ने उसे केंद्र शासित प्रदेश घोषित कर दिया। इसके अलावा लद्दाख को भी जम्मू-कश्मीर से अलग कर केंद्र शासित प्रदेश बना दिया।