
इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर डेविड लॉयड ने भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली की अलोचना की है। डेविड लॉयड का कहना है कि विराट कोहली अंपायर्स पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। साथ ही उन्होेंने अंपायर्स के साथ विराट कोहली की तकरार को अपमानजनक बताया है। बता दें कि विराट कोहली ने हाल ही इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सरीज के चौथे मैच के दौरान सॉफ्ट सिग्नल को लेकर सवाल उठाए थे। जब सूर्यकुमार यादव को डेविड मलान ने कैच किया तो विराट कोहली ने कहा था कि अंपायर्स के लिए 'मुझे नहीं पता' का सिग्नल होना चाहिए। विराट कोहली के इस बयान पर डेविड लॉयड ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि सॉफ्ट सिग्नल अंपायर को जितना हो सके उतना अधिकार देता है।
अंपायर्स पर दबाव बनाने की कोशिश
डेविड लॉयड ने डेली मेल में अपने कॉलम में विराट कोहली की आलोचना करते हुए लिखा कि विराट कोहली मौका मिलते ही अंपायर्स पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। डेविड ने लिखा कि विराट कोहली को लगता है कि जब डेविड मलान ने चौथे टी20 मैच में कैच किया तो इंग्लैंड ने अंपायर पर दबाव बनाया कि वह सॉफ्ट सिग्नल आउट दें। साथ ही उन्होंने लिखा कि सॉफ्ट सिग्नल का नियम ज्यादा से ज्यादा अधिकार मैदानी अंपायर को देता है। साथ ही उन्होंने लिखा कि उन्हें नहीं पता कि अहमदाबाद में अंपायर नितिन मेनन पर इंग्लैंड ने दबाव डाला या नहीं, लेकिन कोहली अंपायर्स पर दबाव डाल रहे हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाए कि विराट कोहली अंपायर्स का अपमान कर रहे हैं और उनसे बहस कर रहे हैं।
कोहली ने यह कहा था
बता दें कि सूर्यकुमार यादव को जब डेविड मलान ने कैच किया तो विराट कोहली ने कहा था कि जब तक अंपायर्स निर्णय को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त न हों तब उनके पास 'मुझे नहीं पता' का सिग्नल होना चाहिए। कोहली का कहना था कि इससे बहुत ज्यादा असमंजस की स्थिति पैदा होती है। वहीं डेविड लॉयड का कहना है कि अगर गेंद सिर्फ गिल्लियों को छुए और उसे आउट दिया जाने लगा तो टेस्ट मैच तो दो ही दिन में खत्म हो जाएगा।
चार घंटे में खत्म हो जाएगा वनडे इंटरनेशनल
वहीं लॉयड ने अंपायर्स के निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि अगर गेंद के गिल्लियों को छूने भर से आउट दिया जाने लगा तो वनडे इंटरनेशनल मैच तो 4 घंटे में ही खत्म हो जाएगा। वहीं जेम्स एंडरसन, जोश हेजलवुड और जसप्रीत बुमराह जैसे गेंदबाज हर पारी में आठ-आठ विकेट लेंगे।
जानिए क्या है सॉफ्ट सिग्नल
जब किसी क्लोज कैच या विकेट को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होती तो मैदानी अंपायर अपने सहयोगी अंपायर से बात कर अपना फैसला देता है। इसे सॉफ्ट सिग्नल कहा जाता है। इसके बाद वह थर्ड अंपायर को भी उसे दोबारा चेक करने को कह सकते हैं। थर्ड अंपायर कई एंगल से उसे चेक करता है और अगर उसे ठोस सबूत मिलते हैं कि मैदानी अंपायर का फैसला गलत है तो थर्ड अंपायर उस फैसले को बदल भी सकता है। अगर थर्ड अंपायर को सबूत नहीं मिलते हैं तो वह मैदानी अंपायर के फैसले को ही सही मान लेता है।
आइए जानें— IPL 2021 Full Schedule and Fixtures
Updated on:
24 Mar 2021 08:14 pm
Published on:
24 Mar 2021 07:38 pm

बड़ी खबरें
View Allक्रिकेट
खेल
ट्रेंडिंग
