
नई दिल्ली। भारत ने श्रीलंका के खिलाफ खेली जा रही तीन वनडे मैचों की सीरीज पर 2—0 से कब्जा कर लिया है। दूसरे वनडे में टीम इंडिया के तेज गेंदबाज दीपक चाहर (Deepak Chahar) ने गेंद और बैट दोनों के साथ अद्भुत प्रदर्शन कर जीत दिलाई। इसके बाद चाहर के पिता एक तरफ अपने बेटे के शानदार प्रदर्शन से खुश हैं तो दूसरी तरफ आईपीएल में एक गलती करने की वजह दुखी महसूस कर रहे हैं।
69 रनों की नाबाद पारी खेल ठोकी सीनियर टीम की दावेदारी
श्रीलंका के खिलाफ दूसरे वनडे में 69 रनों की नाबाद पारी खेलकर दीपक चाहर ने सीनियर टीम की दावेदारी ठोक दी है। 2 विकेट चटकाने और 69 रनों की मैच जिताऊ पारी खेलने के बाद दीपक चाहर ऑलराउंडर के तौर पर खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं। चाहर पिछले तीन सालों से भारतीय टीम के अंदर—बाहर होते रहे हैं, लेकिन अब उन्होंने सीनियर टीम इंडिया के चयनकर्ताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
ऑलराउंडर बनना पड़ा था भारी
28 वर्षीय इस खिलाड़ी ने हमेशा खुद को एक हमेशा ऑलराउंडर माना है, लेकिन एक समय ऐसा भी आया था जब उन्हें ऑलराउंडर बनना भारी पड़ गया था। दरअसल, आईपीएल 2018 की नीलामी में दीपक चाहर को चेन्नई सुपर किंग्स (Chenai Super Kings) ने 80 लाख रुपए में खरीदा था जबकि उनके भाई राहुल चाहर (Rahul Chahar) को मुंबई इंडियंस ने 1.9 करोड़ रुपए में खरीदा था।
पिता ने बयां किया वो वाकया
दीपक चाहर के पिता लोकेंद्र चाहर ने उस नीलामी को याद करते हुए कहा, 'यह हमारी गलती थी। दीपक ने ऑलराउंडर के तौर पर फॉर्म भरा था। ऑलराउंडर कैटेगरी में खिलाड़ियों की नीलामी उसी दिन देर से हुई। राहुल गेंदबाज बनकर आए थे। नीलामी में राहुल का नाम जल्द आया। बाद में दीपक आया। जब तक दीपक का नाम पुकारा गया, तब तक टीमों का काफी पैसा खत्म हो चुका था। नहीं तो उन्हें 2 करोड़ रुपए से ज्यादा मिल जाते।' लोकेंद्र चाहर ने अपने दोनों बेटों को शुरुआती दौर में क्रिकेट की काफी बारीकियां सिखाई थी।
'अच्छी बल्लेबाजी करते हैं दीपक'
लोकेंद्र चाहर ने कहा कि दीपक काफी अच्छी बल्लेबाजी करते हैं। वह आईपीएल में सीएसके लिए एक महत्वपूर्ण पारी भी खेल चुके हैं। जब उन्हें नंबर-6 पर प्रमोट किया गया था। उस दौरान उन्होंने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए 20 गेंदों में 39 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली थी। साथ लोकेंद्र ने कहा कि जहां तक दीपक की गेंदबाजी की बात है तो वह काफी धीमी गति से गेंदें डाल रहे हैं जबकि उनकी क्षमता है 140 की स्पीड के पार पहुंचने की है।
'दीपक अपने शरीर और क्षमताओं को समझता है'
लोकेंद्र का कहना है कि दीपक अपने शरीर और सीमाओं की क्षमताओं को समझता है। अगर आप 140 किमी/घंटा से अधिक की गति से गेंदबाजी करते हैं तो एक दिन में 13-14 ओवर फेंक सकते हैं। लेकिन अगर उन्होंने लंबे स्पैल गेंदबाजी करने पर काम किया, तो वह 130 किमी/घंटा वाला गेंदबाज होगा। अगर वह इससे ज्यादा स्पीड से गेंदबाजी करता है तो उन्हें अतिरिक्त एनर्जी की जरूरत होगी और ऐसे में चोटिल होने की आशंका ज्यादा होती है।
Published on:
22 Jul 2021 07:27 pm

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