
देवदत्त पडिक्कल (फोटो- IANS)
Devdutt Padikkal Statement: भारत के घरेलू वनडे टूर्नामेंट विजय हजारे ट्रॉफी में देवदत्त पडिक्कल ने रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया। इस टूर्नामेंट में उन्होंने 6 पारियों में 4 शतक व एक अर्द्धशतक की मदद से 600 से अधिक रन बना दिए हैं। इसके बावजूद न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए उन्हें भारतीय टीम में जगह नहीं मिली। इस पर देवदत्त पडिक्कल ने बेहद ही संतुलित प्रतिक्रिया दी है। घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बना रहे इस बाएं हाथ के बल्लेबाज का कहना है कि चयन प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा को समझना जरूरी है और खिलाड़ी को इसके साथ सामंजस्य बिठाना पड़ता है।
देवदत्त पडिक्कल ने वर्तमान में चल रही विजय हजारे ट्रॉफी में 6 मैचों में चार शतक और 600 से ज्यादा रन बनाए हैं, जो उनकी कंसिस्टेंसी को फिर साबित करता है। इसी के साथ ही वह इस टूर्नामेंट के इतिहास में तीन बार 600 से अधिक रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज भी बने। वनडे फॉर्मेट में उनकी तकनीक, स्ट्राइक रोटेशन और पारी को संभालने की क्षमता लंबे समय से चर्चा में रही है। इसके बावजूद न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया में जगह नहीं मिलना इस बात को दिखाता है कि व्हाइट-बॉल क्रिकेट में भारत के पास ऑप्शन्स काफी उपलब्ध हैं।
वनडे फॉर्मेट में इतने अच्छे प्रदर्शन के बावजूद भारतीय टीम में अपनी जगह न बना पाने वाले पडिक्कल अपने करियर में धैर्य को अहम मानते हैं। उनका कहना है कि क्रिकेटर के तौर पर खिलाड़ी को यह स्वीकार करना होता है और अपना काम करते रहना चाहिए। पडिक्कल ने कहा कि वह टीम सेलेक्शन पर नजर बनाए हुए थे, लेकिन इसे निराशाजनक अनुभव के रूप में नहीं देखते। उनका मानना है कि टीम में कई बल्लेबाज लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना आसान नहीं होता। उन्होंने स्वीकार किया कि वनडे टीम में प्रवेश करना चुनौतीपूर्ण है। घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन ही वह आधार है, जो आगे चलकर मौके तैयार करता है। इसी सोच के साथ वह आगे बढ़ रहे हैं और चयन को लेकर किसी तरह की जल्दबाजी में नहीं हैं।
Published on:
07 Jan 2026 12:04 pm
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