
वनडे क्रिकेट में धोनी का औसत गिरा, 19 मैचों में इस साल नहीं लगाई एक भी फिफ्टी
नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया और वेस्ट इंडीज के खिलाफ खेली जाने वाली टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी को टीम में नहीं चुना गया था। चयनकर्ताओं के इस निर्णय के बाद धोनी का टी20 करियर लगभग ख़त्म मन जा रहा है। ऐसे में अगर उनके वनडे क्रिकेट के आकड़ों पर नज़र डाली जाए तो बुरे दौर से गुजर रहे धोनी अब वनडे टीम से भी बाहर हो सकते हैं। धोनी लगातार फ्लॉप चल रहे हैं वेस्टइंडीज के खिलाफ सोमवार को खेले गए चौथे वनडे में धोनी 23 रन बनाकर आउट हो गए। जिसके बाद धोनी का औसत भी गिर गया है। पिछले एक साल में धोनी ने एक भी अर्धशतक भी नहीं लगाया है।
इस साल नहीं लगाया एक भी अर्धशतक -
धोनी ने इस साल 19 वनडे मैचों खेले हैं और अब तक उन्होंने एक भी अर्धशतक नहीं लगाया है। आखिरी अर्धशतक धोनी ने 21 मैच पहले श्रीलंका के खिलाफ लगाया था। इस साल धोनी ने 19 मैचों में महज 25 के औसत से 275 रन बनाए हैं। ऐसे में धोनी अगर तिरुवनन्तपुरम में वेस्टइंडीस के खिलाफ खेले गए आखिरी मैच में अच्छा प्रदर्शन नहीं करते तो उन्हें वनडे टीम से भी बाहर किया जा सकता है। सितंबर 2011 के बाद के बाद ये पहली बार है जब धोनी का औसत 50 से कम हुआ हो। इतना ही नहीं सबसे बड़ी परेशानी की वजह धोनी का बैटिंग स्ट्राइक रेट है। उनका स्ट्राइक रेट 87.81 से गिरकर 71.42 हो गया है। साफ है बतौर बल्लेबाज धोनी की धमक कम हुई है और अब उनका औसत 50 से भी कम हो गया है।
हो सकते हैं टीम से बाहर -
भारतीय टीम के पास ऋषब पंत जैसा युवा खिलाड़ी है जो इस समय शानदार फॉर्म में है। पंत में हालही में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू कर सबको दिखा दिया के वे लम्बी रेस के घोड़े हैं ऐसे में अगर धोनी अपने प्रदर्शन पर ध्यान नहीं देते तो टीम से बाहर हो सकते हैं। मुंबई में खेले गए चौथे वनडे मैच में धोनी को टीम में चुने जाने के बाद सोशल मीडिया पर धोनी के खिलाफ एक अभियान सा छिड़ गया था। दरअसल चौथे वनडे की प्लेइंग इलेवन से रिषभ पंत बाहर हो गए, जिसके बाद लोगों से सवाल उठाया कि खराब फॉर्म में चल रहे धोनी को बाहर क्यों नहीं किया गया।
Published on:
31 Oct 2018 03:00 pm
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