
Graeme Cremer with his family
नई दिल्ली : जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम (Zimbabwe Cricket Team) का कप्तान रह चुके 33 साल के एलेक्जेंडर ग्रीम क्रेमर (Alexander Graeme Cremer) का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काफी कामयाब रहा है। इसके बावजूद उन्होंने देश छोड़ दिया है और अब उनका घर उनकी पत्नी चलाती है और वह घर पर बच्चों की देखभाल करते हैं। अपनी कप्तानी और प्रदर्शन से लेग स्पिनर क्रेमर ने जिम्बाब्वे को कई कामयाबियां दिलाई है। अब वह क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और कोई काम नहीं करते और कोई काम भी नहीं करते। इसके अलावा वह पूरे परिवार समेत अपना देश छोड़कर दुबई में बस गए हैं।
महज 18 साल की उम्र में टेस्ट डेब्यू किया
लेग स्पिनर ग्रीम क्रेमर (Graeme Cremer) का जन्म 19 सितंबर, 1986 को जिम्बाब्वे की राजधानी हरारे में हुआ था। महज 18 साल की उम्र में उन्होंने 2005 में टेस्ट डेब्यू किया और उन्हें चार साल बाद 2009 में पहला एकदिवसीय मैच खेलने का मौका मिला। उन्हें टेस्ट विशेषज्ञ माना जाता है, लेकिन वनडे और टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। क्रेमर ने 19 टेस्ट में 57 विकेट लिए हैं। वहीं 96 वनडे में उनके नाम 119 विकेट हैं। क्रेमर ने 29 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच भी खेले हैं और इस दौरान उन्होंने 35 विकेट लिया है। क्रेमर का घरेलू और क्लब क्रिकेट में भी शानदार रिकॉर्ड है। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने 365 विकेट चटकाए हैं, वहीं लिस्ट-ए क्रिकेट में 226 विकेट उनके नाम है। इतना ही नहीं, टी-20 क्रिकेट में उनके नाम 83 विकेट हैं।
अपनी कप्तानी में कमजोर जिम्बाब्वे को कई मैच जिताए
जिम्बाब्वे को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पर्ण किए हालांकि काफी लंबा समय हो गया। इसके बावजूद जिम्बाब्वे की टीम को काफी कमजोर माना जाता है। ऐसी टीम की कप्तानी संभालते हुए ग्रेम क्रीमर ने अपनी टीम को कई जीत दिलाए। 2016 में उन्होंने जिम्बाब्वे की कप्तानी संभाली थी। इसके बाद वह भारत (Indian Cricket Team) के खिलाफ तीन एकदिवसीय मैच की सीरीज के सारे मैच जरूर हारे, लेकिन टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत को मात दी। इसके अलावा उन्होंने श्रीलंका (Sri Lanka Cricket Team) के खिलाफ पहली बार अपनी टीम को वनडे सीरीज जिताई। इसके अलावा जुलाई 2017 में बतौर कप्तान श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में एक पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा किया। ऐसा करने वाले वह जिम्बाब्वे के पहले कप्तान भी बने। लेकिन 2018 में जिम्बाब्वे की टीम साल क्रिकेट विश्व कप क्वालिफायर टूर्नामेंट जीतने में नाकाम रही। इसके बाद उन्हें कप्तानी से हटा दिया गया।
पत्नी मेरना मूरे हैं पायलट
जिम्बाब्वे की कप्तानी से हटाए जाने के बाद दुखी होकर क्रेमर ने महज 32 साल की उम्र में न सिर्फ क्रिकेट से संन्यास ले लिया, बल्कि देश छोड़कर दुबई में बस गए। जनवरी 2019 से वह दुबई में रह रहे हैं और अब कोई काम नहीं करते। उनकी पत्नी मेरना मूरे फ्लाई एमिरेट्स में पायलट हैं। अब वही घर की जिम्मेदारी संभालती हैं और क्रेमर बच्चों की देखभाल करते हैं।
Updated on:
05 Jun 2020 06:37 pm
Published on:
05 Jun 2020 06:34 pm
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