
बेंगलूरु : कर्नाटक प्रीमियर लीग में सट्टेबाजी के आरोप में केंद्रीय अपराध शाखा ने केपीएल की एक टीम के मालिक अशफाक अली थारा को गिरफ्तार किया है। इस लीग में मैच फिक्सिंग का भी संदेह जताया जा रहा है। क्राइम ब्रांच इस नजरिये से भी जांच कर रही है। पिछले महीने आयोजित कर्नाटक प्रीमियर लीग की टीम बेलगावी पैंथर्स के मालिक पर सट्टेबाजी में शामिल होने का आरोप है। थारा के संपर्क में केपीएल की अलग-अलग टीम के 12 खिलाड़ी संपर्क में थे। ऐसे तमाम संदिग्ध खिलाड़ियों की भी जांच चल रही है।
2017 में अशफाक ने खरीदी थी टीम
बीसीसीआई की ओर से आधिकारिक टूर्नामेंट केपीएल को कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ की ओर से आजोजित कराया जाता है। पिछला सत्र का आयोजन 16 से 31 अगस्त के बीच किया गया था। इस टूर्नामेंट में एक टीम टूर एंड ट्रैवेल कंपनी के मालिक अशफाक अली थारा की भी थी। थारा ने यह टीम 2017 में ही खरीदी थी।
पूछताछ के बाद किया गिरफ्तार
केंद्रीय अपराध शाखा ने अशफाक अली थारा से कई दिनों की पूछताछ के बाद उन्हें बेंगलूरु से गिरफ्तार कर लिया है। अब केपीएल से जुड़ी अन्य टीमों के खिलाड़ियों और मैनेजमेंट से भी पूछताछ की जा रही है। इस सट्टेबाजी में 12 खिलाड़ियों के भी शामिल होने का संदेह है। मिली जानकारी के अनुसार, ये सारे खिलाड़ी थारा के संपर्क में थे। अपराध शाखा को मैच फिक्सिंग का भी संदेह है।
अशफाक मैचों पर लगाते थे सट्टा
बेंगलूर के क्राइम ब्रांच के ज्वाइंट पुलिस संदीप पाटिल ने सट्टेबाजी की बात की पुष्टि करते हुए कहा कि बेलगावी पैंथर्स टीम के मालिक अशफाक अली थारा मैचों पर सट्टा लगा रहे थे। थारा के संबंध दुबई के बुकीज के साथ थे। वह उनके साथ मिलकर सट्टेबाजी कर रहे थे। मैच फिक्सिंग का भी संदेह जताया जा रहा है। इसको लेकर पूछताछ चल रही है।
बता दें कि 2013 आईपीएल में भी मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी का मामला आया था। इसमें श्रीसंत, अजीत चंदेला और अंकित चव्हाण पर आजीवन प्रतिबंध लगा था तो सट्टेबाजी में राजस्थान रॉयल्स के मालिक राज कुंद्रा और चेन्नई सुपर किंग के एम मयप्पन को किसी भी तरह की क्रिकेट की गतिविधि से आजीवन दूर रहने का प्रतिबंध लगा था।
Published on:
25 Sept 2019 05:19 pm
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