
मुंबई : बीसीसीआई के नए मुखिया सौरव गांगुली की अध्यक्षता में रविवार को हुए एजीएम में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने एक बड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने एक साथ पांचों चयनकर्ताओं का कार्यकाल खत्म कर दिया है। इसकी जानकारी देते हुए गांगुली ने रविवार को कहा कि एमएसके प्रसाद की अध्यक्षता वाली सीनियर चयन समिति का कार्यकाल खत्म हो गया है।
एजीएम के बाद दी जानकारी
गांगुली ने रविवार को मुंबई स्थित बीसीसीआई मुख्यालय में आयोजित 88वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) के बाद संवाददाताओं को जानकारी दी कि एमएसके प्रसाद की अध्यक्षता वाली चयन समिति का कार्यकाल समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि आप इससे और आगे नहीं जा सकते हैं। इस मौके पर उन्होंने चयन समिति की तारीफ भी की। कहा कि उन्होंने अच्छा काम किया है। उम्मीद की जा रही है कि नई चयन समिति का अध्यक्ष टीम इंडिया के पूर्व लेग स्पिनर एल शिवरामकृष्णन को बनाया जा सकता है।
अब चयन समिति का होगा कार्यकाल निर्धारित
बीसीसीआई अध्यक्ष ने कहा कि इस पैनल का कोई भी सदस्य अपना काम अब आगे जारी नहीं रख पाएगा। इसके अलावा उन्होंने इस मौके पर एक अहम बात यह कही कि अब चयन समिति का कार्यकाल निर्धारित होगा। हर साल चयनकर्ताओं को नियुक्त करने की जरूरत नहीं है। यह सही नहीं है।
चयन समिति में यह पांच सदस्य थे
एमएसके प्रसाद की अध्यक्षता वाली चयन समिति में उनके अलावा गगन खोड़ा, जतिन परांजपे, संदीप सिंह और देवांग गांधी शामिल थे। मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद और गगन खोड़ा 2015 में चयन समिति में शामिल किए गए थे, जबकि जतिन परांजपे, संदीप सिंह और देवांग गांधी 2016 में जुड़े थे। बीसीसीआई के पुराने संविधान के अनुसार, कोई चयनकर्ता अधिकतम चार साल तक रह सकता है, जबकि लोढ़ा समिति की सिफारिश लागू होने के बाद अधिकतम पांच वर्षों तक रह सकता है। इस लिहाज से एमएसके प्रसाद और गगन खोड़ा एक साल और चयन समिति में रह सकते थे, जबकि अन्य तीन दो साल तक। पुराने संविधान के अनुसार भी देखें तो जतिन परांजपे, संदीप सिंह और देवांग गांधी का कार्यकाल अभी एक साल और बाकी था, लेकिन बीसीसीआई ने एक साथ सबका कार्यकाल खत्म कर दिया है।
Updated on:
01 Dec 2019 08:50 pm
Published on:
01 Dec 2019 08:46 pm
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