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T20 वर्ल्ड कप के 4 मैचों के बाद आखिर कैसे हुई संजू सैमसन की वापसी? खिताब जीतने के बाद गंभीर का बड़ा खुलासा

Gautam Gambhir on Sanju Samson: T20 वर्ल्ड कप के शुरुआत 4 मैचों में संजू सैमसन को भारत की प्‍लेइंग इलेवन से बाहर रखा गया, लेकिन इसके बाद आते ही उन्‍होंने क्‍या किया ये सबको पता है। इस हेड कोच गौतम गंभीर ने चुप्‍पी तोड़ते हुए कहा है कि गंभीर ने बताया कि उन्हें संजू पर हमेशा से भरोसा था। उन्होंने खुद यह बात टीम मैनेजमेंट तक पहुंचाई कि इस बल्लेबाज को प्लेइंग इलेवन में वापस लाना ही चाहिए।
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भारत

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lokesh verma

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Updated: 15 Mar 2026, 1:14 PM IST

Gautam Gambhir on Sanju Samson

संजू सैमसन को बल्‍लेबाजी के गुर सिखाते गौतम गंभीर। (फोटो सोर्स: IANS)

Gautam Gambhir on Sanju Samson: भारत के स्‍टार ओपनर संजू सैमसन को शुरुआती चार मुकाबले में टीम इंडिया से बाहर रखा गया था। पहली बार भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने संजू की वापसी को लेकर खुलकर बात की है। संजू के आते ही टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया के अभियान का रुख ही बदल गया था। केरल के इस विकेटकीपर-बल्लेबाज ने नामीबिया के खिलाफ सिर्फ एक मैच खेला था, जिसके बाद उनकी सुपर-8 में वापसी हुई। उन्होंने लगातार मैच जिताने वाली पारियां खेलीं, जिसकी बदौलत भारत ने रिकॉर्ड तीसरी बार खिताब अपने नाम किया। गंभीर ने बताया कि उन्हें संजू पर हमेशा से भरोसा था। उन्होंने खुद यह बात टीम मैनेजमेंट तक पहुंचाई कि इस बल्लेबाज को प्लेइंग इलेवन में वापस लाना ही चाहिए।

टॉप-थ्री बल्‍लेबाजों में सिर्फ ईशान अच्‍छा खेल रहे थे

ज्ञात हो कि टीम इंडिया के टॉप-थ्री बल्‍लेबाजों में अभिषेक शर्मा फॉर्म में नहीं थे, जबकि ईशान किशन लगातार अच्छा खेल रहे थे और तिलक वर्मा संघर्ष कर रहे थे। इनकी मौजूदगी के कारण भारत को शुरुआती कुछ मैचों में लय पकड़ने में काफी मुश्किल हुई थी। हालांकि, सुपर 8 चरण में सैमसन की टीम में वापसी के बाद यह स्थिति पूरी तरह बदल गई।

'हमें और अधिक विस्फोटक होने की जरूरत थी'

गंभीर ने जियोहॉटस्‍टार पर बातचीत में समझाया कि मुझे पता है कि बहुत से लोग इस बारे में बात करेंगे कि हम टॉप-ऑर्डर में मौजूद तीन बाएं हाथ के बल्लेबाजों के क्रम को तोड़ना चाहते थे, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं था। हमें बस यह लगा कि हमें और अधिक विस्फोटक होने की जरूरत है, क्योंकि पिछले डेढ़ साल से हमारी सोच यही रही है कि मैदान पर उतरें और जितना हो सके, उतना विस्फोटक खेल दिखाएं।

संजू को टीम में लाने का मकसद दूसरी तरफ से गेंदबाजी कर रहे ऑफ-स्पिनर का सामना करना नहीं था। मेरा मानना ​​है कि एक बेहतरीन बल्लेबाज किसी भी तरह के गेंदबाज के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन कर सकता है, चाहे वह ऑफ-स्पिनर हो या बाएं हाथ का स्पिनर। असल बात यह थी कि क्या हम टॉप-ऑर्डर में और अधिक आक्रामकता ला सकते हैं और शुरुआती छह ओवरों में और ज्‍यादा आक्रामक खेल दिखा सकते हैं।

'यह कोई मुख्य कोच और खिलाड़ी वाला रिश्ता नहीं'

गंभीर ने आगे कहा कि मैंने उसे जिम में ही यह बात बताई थी। हम दोनों साथ ही ट्रेनिंग कर रहे थे और मैंने बस उससे कहा कि तुम जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलोगे। इस पर उसने कहा कि आने दो। हमारी बातचीत का अंदाज कुछ ऐसा ही बेतकल्लुफाना होता है। यह कोई मुख्य कोच और खिलाड़ी वाला रिश्ता नहीं है, बल्कि एक ऐसा रिश्ता है जहां हमारी ज्‍यादातर निजी बातचीत प्रैक्टिस सेशन के दौरान ही होती है।

बेमिसाल थीं आखिरी तीन पारियां

सैमसन को जरा भी अंदाजा नहीं था कि टी20 वर्ल्ड कप के पहले मैच (USA के खिलाफ) से बाहर रखे जाने के बाद आगे चलकर उनकी भूमिका इतनी अहम होने वाली है। नामीबिया और ज़िम्बाब्वे के खिलाफ़ मैचों में उनका प्रदर्शन काफ़ी कमज़ोर रहा, जहां उन्होंने 22 और 24 रन बनाए। हालांकि, नॉकआउट चरणों और अहम मैचों में ही सैमसन ने अपनी काबिलियत साबित की। वेस्टइंडीज (सुपर 8 में), इंग्लैंड (सेमी-फ़ाइनल में) और न्यूज़ीलैंड (फाइनल में) के खिलाफ उनकी मैच जिताऊ पारियों 97*, 89 और 89 ने उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब दिलाया।

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