
प्रतीकात्मक फोटो
Hugh Morris dies: एशेज सीरीज के बीच इंग्लैंड और ग्लैमरगन के पूर्व बल्लेबाज ह्यू मॉरिस का 62 साल की उम्र में निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि वह कैंसर से पीड़ित थे। उन्होंने देश और काउंटी दोनों में सीनियर पदों पर काम किया। उनके कार्यकाल में इंग्लिश टीम ने तीन एशेज और 2010 का टी20 वर्ल्ड कप जीता था। उनके निधन का समाचार मिलते ही क्रिकेट जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। भारतीय टीम के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री समेत कई पूर्व क्रिकेटरों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
मॉरिस महज 22 साल की उम्र में ग्लैमरगन के सबसे कम उम्र के कप्तान बने थे और बाद में अपने करियर में इस भूमिका में वापस आए और 1993 में संडे लीग का खिताब जिताया। 1991 में तीन टेस्ट मैच खेलने वाले मॉरिस 19.16 की औसत से ज्यादा प्रभाव नहीं डाल पाए। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और श्रीलंका के दौरों पर इंग्लैंड ए टीम की कप्तानी भी की।
उन्होंने 40.29 की औसत से ओपनिंग बल्लेबाजी करते हुए 19,785 फर्स्ट-क्लास रन बनाए। 1997 में 17 साल के खेल करियर को खत्म करने के बाद मॉरिस ने इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड में मैदान से बाहर कई भूमिकाएं निभाईं। डिप्टी और एक्टिंग चीफ एग्जीक्यूटिव के तौर पर काम करने के बाद मॉरिस ने 2007 से 2013 तक इंग्लैंड के पहले मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में काम किया। इसी दौरान पुरुष टीम टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक पर पहुंची, तीन एशेज सीरीज और 2010 का T20 वर्ल्ड कप भी जीता।
मॉरिस 2013 में दक्षिण वेल्स लौट आए और ग्लैमरगन के चीफ एग्जीक्यूटिव के तौर पर 9 साल तक कार्य किया। 2022 में उन्हें आंत के कैंसर का पता चला, जो उनके लिवर तक फैल गया था। काउंटी ने रविवार को उनके निधन की घोषणा की।
डैन चेरी, जो दो साल पहले मॉरिस के बाद ग्लैमरगन के चीफ एग्जीक्यूटिव बने उन्होंने कहा कि ग्लैमरगन काउंटी क्रिकेट क्लब और बाहर के सभी लोग ह्यू के बारे में यह दुखद खबर सुनकर बहुत दुखी हैं। उन्होंने एक खिलाड़ी और प्रशासक के तौर पर हमेशा आगे बढ़कर नेतृत्व किया। वह हमारे लिए एक शानदार विरासत छोड़ गए हैं, जिसमें सोफिया गार्डन्स में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम भी शामिल है।
ग्लैमरगन में मॉरिस के साथ खेलने वाले पूर्व ऑलराउंडर और भारतीय टीम के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री ने एक्स पर श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि अपने टीम-मेट और कप्तान ह्यू मॉरिस के निधन के बारे में सुनकर बहुत दुख हुआ।
वेल्श क्रिकेट क्लब ने कहा कि पूरे खेल ने एक महान खिलाड़ी, एक अथक प्रशासक और बहुत गरिमा और ईमानदारी वाले एक बेहतरीन इंसान को खो दिया है। मॉरिस ने 2002 में कैंसर का पता चलने के बाद गले के कैंसर को हराया था। वह हेड्स अप के संरक्षक थे, जो सिर और गर्दन के कैंसर पर ध्यान केंद्रित करने वाली एक चैरिटी है।
इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन रिचर्ड थॉम्पसन ने कहा कि ह्यू मॉरिस हमारे खेल के सच्चे दिग्गज थे, जिन्होंने इंग्लैंड और वेल्स में क्रिकेट को आकार देने में एक परिवर्तनकारी भूमिका निभाई। उन्हें मैदान पर किए गए कामों के साथ-साथ मैदान के बाहर किए गए कामों के लिए भी याद किया जाएगा। उन्होंने निस्वार्थ और असाधारण तरीके से अपना जीवन क्रिकेट को समर्पित कर दिया।
Updated on:
29 Dec 2025, 9:43 AM IST
Published on:
29 Dec 2025, 9:43 AM IST
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