
नई दिल्ली : भारतीय टीम के तेज गेंदबाज दीपक चाहर ने बांग्लादेश के खिलाफ हैट्रिक लेकर पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में यह कारनामा करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने थे। इसके बाद खबर आई कि चार दिन के भीतर उन्होंने एक बार फिर सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में हैट्रिक ले लिया है। आईसीसी और बीसीसीआई ने भी इसे हैट्रिक बताया था। लेकिन अब यह खबर आ रही है कि लगातार तीन गेंद पर विकेट लेने के बावजूद इसे हैट्रिक नहीं माना जाएगा, क्योंकि इस बीच उन्होंने एक वाइड गेंद भी डाली थी। बता दें कि सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में चाहर ने विदर्भ के खिलाफ छह गेंदों पर चार विकेट लिए थे और आखिरी तीन गेंद पर तीन विकेट लिए थे।
इस कारण नहीं माना हैट्रिक
आईसीसी ने बताया कि हैट्रिक के लिए लगातार तीन वैध गेंदों पर तीन विकेट लेने होते हैं, जबकि विदर्भ की ओर से राजस्थान की ओर से दीपक चाहर ने लगातार तीन वैध गेंदे नहीं डाली थी। बीच इन तीन गेंदों के बीच में एक वाइड भी थी। चाहर ने चौथी गेंद पर विकेट लेने के बाद पांचवीं गेंद वाइड डाली थी। इसके बाद दोबारा जब पांचवीं और उसके बाद छठी गेंद पर उन्होंने विकेट लिया था। इसलिए इसे हैट्रिक नहीं माना जा सकता। इस कारण आईसीसी और बीसीसीआई ने अपनी गलती सुधारते हुए इसे रिकॉर्ड बुक से हटा दिया। बता दें कि इस ओवर की पहली गेंद पर भी चाहर ने एक विकेट लिया था। यानी छह गेंद पर चार विकेट।
वाइड गेंद पर भी हो सकती है हैट्रिक
लेकिन ऐसा भी नहीं है कि वैध गेंद होने पर ही हैट्रिक होगा। इसको लेकर यह कोई आधिकारिक नियम नहीं है। बस शर्त यह है कि लगातार तीन गेंद पर तीन विकेट होने चाहिए। यानी अगर गेंदबाज वाइड गेंद पर बल्लेबाज को स्टंप या हिट विकेट करा देता है तो इसे हैट्रिक माना जाएगा।
Updated on:
13 Nov 2019 10:10 pm
Published on:
13 Nov 2019 10:09 pm
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