
नई दिल्ली।आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 के फाइनल मुकाबले में अंपायर कुमार धर्मसेना का एक फैसला अभी तक विवादों में है। कुमार धर्मसेना ने इंग्लैंड को ओवर थ्रो के पांच की बजाय छह रन देने का जो फैसला लिया था उसको लेकर विवाद अभी तक हो रहा है। इस मामले पर अब आईसीसी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। आईसीसी ने कुमार धर्मसेना के फैसले को एकदम सही ठहराया है। आईसीसी ने सार्वजनिक बयान देते हुए कहा है कि कुमार धर्मसेना ने इंग्लैंड को जो छह रन देने का फैसला लिया था, वो एकदम सही प्रक्रिया के तहत था।
ICC ने मैदानी अंपायर के फैसले को सही ठहराया
इस विवाद पर आईसीसी महाप्रबंधक (क्रिकेट) ज्यौफ अलार्डिस ने कहा है, ''मैदानी अंपायरों को उसी समय फैसला लेना था कि थ्रो फेंकने के समय बल्लेबाजों ने क्रॉस किया था या नहीं, तमाम विश्लेषण के बाद ये पता चला है कि उन्होंने सही प्रक्रिया का पालन करके फैसला लिया था।" अलार्डिस ने कहा कि खेलने की शर्तों के तहत मैच रैफरी या तीसरा अंपायर दखल नहीं दे सकता था। ज्यौफ अलार्डिस ने कहा कि आईसीसी की क्रिकेट समिति पूरे फाइनल मैच पर गौर कर रही है जिसकी अध्यक्षता अनिल कुंबले के हाथों में है। हालांकि यह समिति 2020 के पहली तिमाही से पूर्व बैठक नहीं करने वाली है।
आखिर क्या था विश्व कप फाइनल का विवाद?
आपको बता दें कि इंग्लैंड की पारी के आखिरी ओवर में न्यूजीलैंड के फील्डर मार्टिन गुप्टिल का थ्रो बेन स्टोक्स के बल्ले से टकराकर बाउंड्री के पार चला गया था। अंपायर की तरफ से इंग्लैंड को छह रन दे दिए गए, जिससे मैच टाई हो गया और सुपर ओवर तक चला गया। टीवी रिप्ले से जाहिर था कि जब गुप्टिल ने ग्रेंद फेंकी थी तब आदिल राशिद और स्टोक्स ने दूसरा रन नहीं लिया था लिहाजा उन्हें पांच रन दिये जाने चाहिये थे।
हालांकि मैच के बाद कुमार धर्मसेना ने अपनी गलती को भी मान लिया था। उन्होंने कहा था कि यह उनका संयुक्त फैसला था और उन्होंने इसके लिए ऑनफील्ड अंपायर साथी मरायस इरासमस से सलाह की थी, जिसे बाकी मैच अधिकारियों ने भी सुना था।उस समय जो स्थिति के हिसाब से सही लगा वो मैंने किया था।
Updated on:
28 Jul 2019 02:39 pm
Published on:
28 Jul 2019 08:53 am
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