
दुबई। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच खेले गए पहले टेस्ट के आयोजन स्थल- चटगांव के जहुर अहमद चौधरी स्टेडियम की पिच को दोयम दर्ज का बताया है। इसी के चलते इस स्टेडियम के हिस्से एक नकारात्मक अंक जुड़ गया है जो इसके साथ पांच साल तक रहेगा।
पिच को पांच नकारात्मक अंक दिए
बता दें आईसीसी के नियमों के अनुसार, अगर किसी मैच स्थल के हिस्से कुल पांच नकारात्मक अंक आ जाते हैं तो वह 12 महीनों तक अंतर्राष्ट्रीय मैचों की मेजबानी नहीं कर सकता। इस पिच पर दोनों टीमों ने रनों की बारिश की थी। इस मैच दोनों टीमों ने कुल 1533 रन बनाए थे। वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइंफो ने मैच रेफरी डेविड बून के हवाले से लिखा है, "इस पिच में तेज गेंदबाजों के लिए नई गेंद से बिल्कुल मदद नहीं थी। साथ ही पूरे मैच के दौरान पिच पर उछाल नहीं था। पिच में कभी-कभी स्पिनरों के लिए मदद थी, लेकिन यह पिच उतनी नहीं टूटी जितनी उम्मीद थी। इस पिच ने पूरे पांच दिन बल्लेबाजों का साथ दिया।"
मैच में 1533 रन बने और मत्र 24 विकेट गिरे
मैच के बाद श्रीलंका के दिमुथ करुणारत्ने और बांग्लादेश के कप्तान महामदुल्लाह के पिच को लेकर अलग बयान थे। श्रीलंकाई बल्लेबाज ने कहा था कि यह पिच अच्छी नहीं है क्योंकि इसमें गेंदबाजों के लिए कुछ नहीं है जबकि महामदुल्लाह ने कहा था कि यह पिच अच्छी है क्योंकि इस पर दोनों टीमों के बल्लेबाज रन बना सकते हैं। इस मैच में गेंदबाजों ने कुल 2000 गेंदें फेंकी और सिर्फ 24 विकेट गिरे।
हालही में ये तीसरा केस
ये पहली बार नहीं हैं हालही में दक्षिण अफ्रीका में जारी भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीत टेस्ट सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच जोहान्सबर्ग में खेला गया था जहां असमान उछाल के कारण पिच को ख़राब बताया गया था। जिसे बाद में आईसीसी ने चेतावनी दें कर छोड़ दिया था। उससे पहले ऑस्ट्रेलिया में खेली जा रही एशेज सीरीज का चौथा मुकाबला मेलबॉर्न में खेला गया था। उस पिच को भी आईसीसी द्वारा ख़राब बताया गया था और वह भी आईसीसी ने चेतावनी दें कर छोड़ दिया था।
Published on:
06 Feb 2018 10:02 pm
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