
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दूसरा टेस्ट गुवाहाटी में खेला जाएगा (photo - ESPNCricInfo)
India vs South Africa Test: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दूसरा टेस्ट मैच शनिवार से गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। यह पूर्वोत्तर में होने वाला पहला टेस्ट मैच है। इस ऐतिहासिक मुकाबले के साथ कुछ नई चुनौतियां और दिलचस्प बदलाव भी सामने आए हैं।
भारत में अब तक 29 स्थानों पर टेस्ट मैच खेले जा चुके हैं, और गुवाहाटी का बरसापारा स्टेडियम 30वां ऐसा मैदान बनेगा। लेकिन भारत में एक टाइम जोन होने की वजह से खिलाड़ियों को अपनी दिनचर्या सामान्य से काफी पहले शुरू करनी होगी। सुबह का अलार्म जल्दी बजेगा और खिलाड़ियों के नाश्ते व भोजन के समय में भी बदलाव करना पड़ेगा। सुबह की हल्की ठंड भी मेजबान टीम के लिए चुनौती बन सकती है, बिल्कुल वैसे ही जैसे कोलकाता में धीमी और अधपकी पिच ने भारत को परेशान किया था।
गुवाहाटी टेस्ट में खेल सुबह 9 बजे शुरू होगा। लाल गेंद के पारंपरिक टेस्ट समय-सारणी से हटकर, इस मैच में चाय का ब्रेक सुबह 11 बजे लिया जाएगा, जबकि लंच 1:20 बजे निर्धारित है। यह बदलाव इसलिए किया गया है ताकि उत्तर-पूर्व की घटती सर्दियों की धूप का अधिकतम उपयोग कर हर दिन 90 ओवर कराए जा सकें।
पहला सेशन - सुबह 9:00 से 11:00 बजे तक
चाय ब्रेक- 11:00 -11:20 बजे
दूसरा सत्र: 11:20 बजे से दोपहर 1:20 बजे तक
लंच ब्रेक 1:20-2:00 बजे
तीसरा सत्र: दोपहर 2:00 से शाम 4:00 बजे तक
भारत में किसी टेस्ट मैच के लिए यह समय-सारणी पहली बार अपनाई जा रही है, लेकिन पूर्वोत्तर में यह पूरी तरह नई भी नहीं है। पिछले तीन सर्दियों से सिक्किम के रांगपो स्थित माइनिंग ग्राउंड में रणजी ट्रॉफी मैच सुबह 8:15 बजे शुरू होते आ रहे हैं। वहां भी पहले चाय 10:15 बजे परोसी जाती है, और इसके दो घंटे बाद रोटियां, दाल और बाकी खाना लंच के तौर पर खिलाड़ियों को मिलता है।
ठंडी सुबह और पिच पर मौजूद नमी गेंदबाज़ों को लंबे समय तक स्विंग दे सकती है। दोनों टीमों के पास बेहतरीन तेज गेंदबाज हैं। ऐसे में इस मुकाबले में यह परिस्थितियां गेंदबाज़ों के लिए बेहद लुभावनी होंगी, जबकि टॉप ऑर्डर बल्लेबाज़ों के लिए शुरुआती घंटे क्रेज पर बिताना कठिन होगा। गुवाहाटी की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए, दिन के अंत में, जब रोशनी कम होगी तो गेंदबाजों को दोबारा स्विंग मिलेगा। जिससे बल्लेबाजों को दिक्कत हो सकती है।
पूर्व असम कोच आर.एक्स. मुरली ने मुताबिक, "जल्दी सूर्यास्त और ढलती रोशनी के कारण मैच की शुरुआत ठंडे मौसम में होगी, जिससे गेंद में अतिरिक्त मूवमेंट देखने को मिल सकता है। गुवाहाटी की पिचें आमतौर पर रेड-बॉल क्रिकेट के लिए अच्छी होती हैं, यह एक फ्लैट विकेट है, जहां खूब रन बनते हैं।”
ईडन गार्डन्स में 30 रन की हार झेलने के बाद, भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर के दिमाग में गुवाहाटी की पिच और टीम संयोजन को लेकर कई रणनीतियां घूम रही होंगी। यहां किसी भी तरह की गलती भारी पड़ सकती है और भारत सीरीज हार सकता है।
मुरली ने आगे कहा, "पिच से मिलने वाला मूवमेंट इस बात पर निर्भर करेगा कि टीम मैनेजमेंट किस तरह की विकेट चुनता है। लेकिन मैच 30 मिनट पहले शुरू होगा, इससे देश के बाकी मैदानों की तुलना में हवा में मूवमेंट लंबे समय तक बना रहेगा और यह बल्लेबाजों को परेशान करेगा।"
Published on:
20 Nov 2025 02:54 pm
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