सटीक बॉलिंग के बाद भी नहीं मिली सफलता, निराश होकर बोले मो. शमी - कई बार किस्मत से मिलते हैं विकेट

सटीक बॉलिंग के बाद भी नहीं मिली सफलता, निराश होकर बोले मो. शमी - कई बार किस्मत से मिलते हैं विकेट

PRABHANSHU RANJAN | Publish: Sep, 11 2018 06:07:16 PM (IST) क्रिकेट

लंदन टेस्ट के चौथे दिन भारत के गेंदबाज एलिस्टर कुक और जोए रूट के सामने बेबस नजर आएं। भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने इस मामले पर बातचीत की है।

नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच जारी टेस्ट सीरीज का आखिरी मुकाबला इस समय लंदन के ओवल के मैदान में खेला जा रहा है। इस टेस्ट मैच में फिलहाल भारतीय टीम बड़ी हार टालने की जुगत में लगी है। भारत को दूसरी पारी में मैच जीतने के लिए 464 रनों का विशाल लक्ष्य मिला था। जो कि टेस्ट क्रिकेट में असंभव सा है। भारत को मिले इस बड़े स्कोर के पीछे एलिस्टर कुक और जोए रूट की बल्लेबाजी रही। जिन्होंने चौथे दिन 259 रनों की विशाल साझेदारी निभाई थी। रूट और कुक के सामने भारतीय गेंदबाज पानी भरते नजर आएं। चौथे दिन की समाप्ति के बाद मीडिया से बात करत हुए भारतीय तेज गेंदबाज मो. शमी ने कहा कि इंग्लैंड के बल्लेबाजों को परेशान करने के बावजूद विकेट नहीं निकाल पाना काफी निराशाजनक रहा। लेकिन कई बार विकेट भी किस्मत से मिलते हैं।

शमी को मिली मात्र दो सफलताएं-
मोहम्मद शमी ने पहली पारी में 72 रन पर कोई विकेट नहीं लिया। जबकि इंग्लैंड की दूसरी पारी में 110 रन देकर वह दो ही विकेट ले सके। ओवल मैदान पर खेले जा रहे पांचवें और अंतिम टेस्ट के चौथे दिन के खेल की समाप्ति के बाद शमी ने कहा कि गेंदबाजों ने काफी आक्रामकता के साथ गेंदबाजी की थी लेकिन उन्हें विकेट नहीं मिल सके। तेज गेंदबाजों में शमी के साथ इशांत शर्मा ने गेंदबाजी आक्रमण का जिम्मा संभाला जबकि तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या को इस मैच में शामिल नहीं किया गया है। ऐसे में शमी को अधिक ओवर मैच में गेंदबाजी करनी पड़ी।

विकेट मिलना किस्मत पड़ करता है निर्भर- शमी
शमी ने इंग्लैंड की दूसरी पारी में 25 ओवर तक गेंदबाजी की। शमी ने कहा कि यह कई बार किस्मत पर निर्भर करता है। एक गेंदबाज के तौर पर आप हमेशा सही दिशा में गेंदबाजी करना चाहते हो, खासकर नयी गेंद के साथ। लेकिन विकेट मिलना किस्मत पर भी निर्भर करता है, हालांकि विकेट नहीं निकाल पाना बहुत ही परेशान करता है। उन्होंने कहा कि हमारी गेंदों ने कई बार इंग्लिश बल्लेबाजों को परेशान किया लेकिन विकेट नहीं मिले और हमें इस बात को स्वीकार करना होगा। कई बार जब आपके पास एक गेंदबाज कम हेाता है तो इस तरह की परिस्थतियों में यह मुश्किल भरा होता है क्योंकि यह पिच तेज गेंदबाजों के लिये मददगार है।

ईशांत की इंजरी ने बढ़ाया दवाब-
तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने आगे कहा कि एक तेज गेंदबाज की कमी से मौजूदा गेंदबाज पर भार भी बढ़ जाता है और उसे अधिक ओवर खेलना पड़ता है। यह कोई गंभीर बात नहीं है, ऐसा कई बार होता है और कई बार हम फील्ड छोड़कर चले जाते हें क्योंकि इससे चोट का खतरा कम होता है। हमारे गेंदबाजी विभाग में इस बात की अच्छी समझ है। बता दें कि शमी ने दौरे में कुल 10 विकेट निकाले जिसमें से पांचवें टेस्ट में उन्होंने दो विकेट लिये हैं।

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