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IPL 2026: अजिंक्य रहाणे का पावरप्ले में 77.7 का औसत, मिडिल ओवर्स में में गिरकर हो जाता है 16.6, KKR के लिए बड़ी चिंता

मिडिल ओवर्स में रहाणे के बल्ले से रन आने बंद हो जाते हैं। मुंबई के खिलाफ उन्होंने मिडिल ओवर में 22 गेंदों में सिर्फ 31 रन बनाए और आखिरकार कवर में कैच देकर पवेलियन लौट गए।

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भारत

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Siddharth Rai

Mar 31, 2026

MI vs KKR

केकेआर के कप्‍तान अजिंक्‍य रहाणे। (फोटो सोर्स: IANS)

Ajinkya Rahane, Indian premier league 2026: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के दूसरे मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने मुंबई इंडियंस (MI) के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक लगाया। उनके तूफानी अर्धशतक की मदद से केकेआर ने 220 रनों ल विशाल स्कोर बनाया था, लेकिन बावजूद इसके वह अपनी टीम को हार से नहीं बचा पाये।

क्रैम्प की वजह से डगआउट में बैठे रहे रहाणे

बल्लेबाजी के बाद रहाणे मैदान पर ज्यादा देर फील्डिंग नहीं कर पाये और पैरों में क्रैम्प की वजह से डगआउट में बैठे रहे। लेकिन यह रहाणे के लिए आसान नहीं था। उनके मैदान से बाहर जाते ही केकेआर के गेंदबाजों की जमकर पिटाई होने लगी। एक तरफ केकेआर के सभी गेंदबाज पीट रहे थे, वहीं दूसरी तरफ 25.20 करोड़ रुपये में खरीदे गए ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर कैमरून ग्रीन इस मैच में गेंदबाजी के लिए उपलब्ध नहीं थे।

रहाणे ने मुंबई के खिलाफ बेहतरीन पारी तो खेली

हार की बड़ी वजह सिर्फ गेंदबाजी नहीं बल्कि केकेआर की बल्लेबाजी भी थी। कप्तान रहाणे ने इस मैच में बेहतरीन पारी तो खेली, लेकिन जिस समय वे आउट हुए वहां से टीम कभी पटरी पर नहीं आ सकी।

पहले छह ओवरों में रहाणे ने जो खेल दिखाया वो किसी को भी हैरान कर सकता था। ट्रेंट बोल्ट और हार्दिक पांड्या जैसे गेंदबाजों की जमकर खबर ली। केकेआर के कप्तान ने तीन चौके और तीन छक्के की मदद से 18 गेंदों पर 36 रन ठोके।

मिडिल ओवर्स में नहीं आते रहाणे के बल्ले से रन

रहाणे की इस तूफानी बल्लेबाजी की मदद से केकेआर पहले विकेट के लिए 78 रन जोड़े। स्टेडियम में फैंस झूम रहे थे।
फिर सातवां ओवर आया और जैसे किसी ने गाड़ी में अचानक ब्रेक लगा दिया।

चरणपारियांरनऔसतस्ट्राइक रेटछक्केप्रति छक्का गेंद (Bp6)प्रति बाउंड्री गेंद (BpB)
पावरप्ले3054477.5170.53010.63.54
मिडिल ओवर्स (7–16)2944816.6124.11820.59.25
कुल30102530.1148.864814.355.1

मिडिल ओवर्स में रहाणे के बल्ले से रन आने बंद हो गए। उन्होंने अगले 22 गेंदों में सिर्फ 31 रन बनाए और आखिरकार कवर में कैच देकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद केकेआर का रन रेट जो इतनी शानदार शुरुआत के बाद आसमान छूना चाहिए था, जमीन पर रेंगने लगा।

रहाणे ने अपनी टी20 बल्लेबाजी में किया सुधार

एक बात यहां जरूर कहनी होगी। अजिंक्य रहाणे, जिनका पूरा करियर टेस्ट क्रिकेट की धैर्यपूर्ण और तकनीकी बल्लेबाजी पर टिका रहा, आज आईपीएल के सबसे खतरनाक पावरप्ले बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। 37-38 साल की उम्र में यह बदलाव सच में कोई छोटी बात नहीं है।

2023 में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लिए जब उन्होंने यह नई पारी शुरू की थी तो किसी को भरोसा नहीं था। हल्का बैट, कलाई का बेहतर इस्तेमाल, सही बैट स्विंग और आर्म गार्ड की कम पैडिंग, इन्हीं छोटी-छोटी चीजों ने उनके पावरप्ले खेल की तस्वीर बदल दी। नतीजा यह हुआ कि केकेआर ने उन्हें तीन बार के चैंपियन टीम का कप्तान बना दिया।

पावरप्ले में तीसरा सबसे ज्यादा औसत

आंकड़े और भी चौंकाने वाले हैं। 2023 से अब तक जिन 14 बल्लेबाजों ने पावरप्ले में कम से कम 500 रन बनाए हैं उनमें रहाणे का औसत 77.7 है। विराट कोहली (92.00) और साई सुदर्शन (107.67) उनसे आगे हैं, लेकिन स्ट्राइक रेट की बात करें तो रहाणे का 170.53 ट्रेविस हेड (186.43) और अभिषेक शर्मा (174.34) को टक्कर देता है। आईपीएल नीलामी में करोड़ों लुटाकर जो विदेशी पावरप्ले स्पेशलिस्ट लाए जाते हैं, रहाणे उनसे किसी मायने में कम नहीं।

पिछले 30 पावरप्ले पारियों में उन्होंने 30 छक्के मारे हैं यानी हर 10-11 गेंद पर एक छक्का। 2008 से 2022 तक के पूरे 14 सालों में उन्होंने 119 पारियों में पावरप्ले में सिर्फ 37 छक्के मारे थे। समस्या यह है कि पावरप्ले खत्म होते ही रहाणे एक अलग ही बल्लेबाज बन जाते हैं। जिन 22 बल्लेबाजों ने मिडिल ओवर्स यानी 7 से 16 के बीच कम से कम 350 गेंदें खेली हैं, उनमें रहाणे का औसत और स्ट्राइक रेट दोनों सबसे नीचे हैं। पावरप्ले में 77.7 का औसत मिडिल ओवर्स में गिरकर 16.6 पर आ जाता है। स्ट्राइक रेट 170 से सीधे 124 पर। छक्के भी हर 24 गेंदों पर एक आने लगते हैं।

इम्पैक्ट सब का नियम आने के बाद यह कमजोरी और ज्यादा उजागर हो गई है। पावरप्ले में जो रफ्तार मिलती है वो मिडिल ओवर्स में कहीं खो जाती है और टीम फिर उसी पुराने दबाव में आ जाती है। रहाणे खुद कहते हैं कि मैं अभी भी जवान महसूस करता हूं और पावरप्ले में उन्हें देखकर यकीन भी हो जाता है। बल्लेबाजी में जान है, पैर थके नहीं दिखते। लेकिन जैसे ही मिडिल ओवर्स शुरू होते हैं, पैरों में क्रैम्प आ जाता है और बल्ले से रन भी बंद हो जाते हैं। यह सिर्फ रहाणे की कहानी नहीं है, यह पूरी केकेआर की कहानी है। एक कप्तान जो पावरप्ले में शेर की तरह खेलता है, लेकिन मिडिल ओवर्स उसे काबू कर लेते हैं। और जब गेंदबाज भी साथ न दें तो 220 रन का स्कोर भी कम पड़ जाता है।