
गुजरात टाइटंस बनाम राजस्थान रॉयल्स (फोटो- IANS)
GT vs RR Match Fixing Allegation: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का दूसरा क्वालीफायर मुल्लांपुर में खेला गया। इस मुकाबले में कुछ ऐसी चीजें हुईं, जिससे सोशल मीडिया पर मैच फिक्सिंग की चर्चा शुरू हो गई। इस मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी करते हुए 214 रन का स्कोर खड़ा कर दिया। टॉस मैच में दो बार करना पड़ा, इसके अलावा साई सुदर्शन भी अजीबोगरीब तरीके से आउट हुए। जिसके बाद सोशल मीडिया पर फिक्सिंग की चर्चा तेज हो गई। हालांकि अब तक ऐसा कोई संकेत देखने को नहीं मिला है, जो 2013 आईपीएल मैचों में देखने को मिला था।
ये आरोप इसलिए भी लग रहे हैं क्योंकि आईपीएल 2013 में जो मैच फिक्सिंग हुई थी, उसमें भी राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ी शामिल थे। 2013 का आईपीएल भारतीय क्रिकेट के इतिहास का सबसे विवादित सीजन रहा था। उसी सीजन में स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी के खुलासे हुए, जिसने क्रिकेट जगत को हिला कर रख दिया था। दिल्ली पुलिस की जांच में पता चला कि कुछ खिलाड़ी बुकियों को मैदान पर खास संकेत देकर बता देते थे कि वह किस ओवर में कितने रन देंगे या कौन सी गेंद पर क्या होने वाला है। अब सवाल ये है कि क्या इस बार भी कुछ इस तरह के संकेत देखने को मिले हैं?
खिलाड़ियों और बुकियों के बीच पहले से कोड वर्ड और सिग्नल तय होते थे। जैसे मैदान पर तौलिया, कैप या जर्सी से इशारा करना। खिलाड़ी किसी खास ओवर से पहले अपनी पैंट में तौलिया खोंसते थे या फिर कैप को एक खास तरीके से पहनते थे। यही बुकियों के लिए संकेत होता था कि अब तय प्लान के मुताबिक खेल होने वाला है।
दिल्ली पुलिस ने बताया था कि कुछ गेंदबाज जानबूझकर नो-बॉल या खराब गेंद डालते थे, ताकि सट्टेबाज करोड़ों रुपए कमा सकें। जांच में यह भी सामने आया कि खिलाड़ियों को पहले ही बता दिया जाता था कि किस ओवर में कितने रन देने हैं। इसके बदले उन्हें लाखों रुपए मिलते थे।
टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज एस श्रीसंत के साथ अजीत चंदेला और अंकित चौहान पर मैच फिक्सिंग के आरोप लगे। ये तीनों गेंदबाज उस समय Rajasthan Royals की टीम में थे। दिल्ली पुलिस ने दावा किया था कि इन खिलाड़ियों ने बुकियों के साथ मिलकर स्पॉट फिक्सिंग की थी।
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद क्रिकेट जगत में सनसनी मच गई। बीसीसीआई ने तुरंत कार्रवाई करते हुए खिलाड़ियों को सस्पेंड कर दिया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच हुई और चेन्नई सुपर किंग्स के साथ राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ सख्त एक्शन लिया गया। दोनों फ्रेंचाइजी को दो साल के लिए सस्पेंड कर दिया गया था।
Updated on:
31 May 2026, 12:05 PM IST
Published on:
31 May 2026, 10:00 AM IST
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