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Asia Cup : पिछली बार जब हॉन्ग कॉन्ग से भिड़ा था भारत, धोनी संग इस खिलाड़ी ने ठोका था शतक

भारत हालांकि अपने विपक्षी को किसी भी तरह से हल्के में लेने की कोशिश करने से बचना चाहेगा। पिछली बार जब भारत और हॉन्ग कॉन्ग साल 2008 के एशिया कप में भिड़े थे तब भारतीय पूर्व कप्तान और विकेट कीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी ने शतक लगाया था।
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नई दिल्ली

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Siddharth Rai

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Updated: 18 Sep 2018, 12:38 PM IST

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Asia Cup : पिछली बार जब हॉन्ग कॉन्ग से भिड़ा था भारत, धोनी संग इस खिलाड़ी ने ठोका था शतक

नई दिल्ली। मौजूदा विजेता भारत एशिया कप के अपने पहले मैच में मंगलवार को हांगकांग के खिलाफ दुबई अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में उतरेगा। यह मैच भारतीय खिलाड़ियों के लिए टूर्नामेंट में अपनी लय हासिल करने के लिए अच्छा मैच साबित होगा क्योंकि उन्हें अगला मैच पाकिस्तान के साथ खेलना है। हांगकांग की टीम भारत के मुकाबले में कमजोर टीम है और ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों की कोशिश वनडे में अपनी लय हासिल करने की होगी। भारत हालांकि अपने विपक्षी को किसी भी तरह से हल्के में लेने की कोशिश करने से बचना चाहेगा। पिछली बार जब भारत और हॉन्ग कॉन्ग साल 2008 के एशिया कप में भिड़े थे तब भारतीय पूर्व कप्तान और विकेट कीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी ने शतक लगाया था।

धोनी और रैना ने लगाया था शतक -
जी हां! 2008 में पाकिस्तान के कराची में खेले गए मैच में महेंद्र सिंह धोनी के साथ-साथ भारतीय खब्बू बल्लेबाज सुरेश रैना ने भी शानदार शतक लगाया था। धोनी ने इस मैच में 96 गेंदों में 6 सिक्स और 6 चौकों की मदद से 109 रन बनाए थे। वहीं रैना ने 68 गेंदों में 5 सिक्स और 7 चौकों की मदद से 101 रन बनाए थे। दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 166 रनों की साझेदारी हुई थी। भारत ने इस मैच में 256 रनों से जीत दर्ज की थी। ऐसे में धोनी के फैंस उन से एक बार फिर शतक की उम्मीद रखेंगे। इस टूर्नामेंट में हांगकांग का यह दूसरा मैच होगा। अपने पहले मैच में उसे रविवार को पाकिस्तान से आठ विकेट से मात खानी पड़ी थी। हांगकांग की टीम कोशिश में होगी कि वह भारत को अच्छी चुनौती दे पाए। टूर्नामेंट में भारत की कमान सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा के हाथों में है। नियमित कप्तान विराट कोहली को चयनकर्ताओं ने आराम देने का फैसला किया है। ऐसे में रोहित के कंधों पर बल्ले से रन बनाने के अलावा टीम को जीत दिलाने की दोहरी जिम्मेदारी होगी।

भारत को तीसरे नंबर का विकल्प ढूंढना होगा -
कोहली की गैरमौजूदगी में भारत को तीसरे नंबर का विकल्प ढूंढना होगा। भारत के पास तीन सलामी बल्लेबाज मौजूद हैं। रोहित, शिखर धवन और लोकेश राहुल तीनों सलामी बल्लेबाजी करते हैं, लेकिन इन तीनों में से ही किसी एक को तीसरे नंबर की जिम्मेदारी निभानी पड़ सकती है। धवन का ओपनिंग में आना तय माना जा रहा है। उन्होंने पहले कभी तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी नहीं की है। वहीं रोहित और राहुल इस क्रम पर अपने हाथ आजमा चुके हैं। अब देखना होगा की रोहित खुद तीसरे नंबर पर आते हैं या राहुल को भेजते हैं। रोहित के लिए चौथे और पांचवें नंबर के लिए खिलाड़ियों का चयन करना मशक्कत का काम हो सकता है। इन दो जगहों के लिए भारत के पास केदार जाधव, अंबाती रायडू, मनीष पांडे और दिनेश कार्तिक के रूप में अच्छे विकल्प मौजूद हैं। इन चारों में किसे टीम में जगह मिलती है यह देखना होगा। एशिया कप में जाधव और रायडू की टीम में वापसी हुई है। यह दोनों काफी समय से टीम से बाहर थे।

जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर कुमार पर होगी गेंदबाजी की जिम्मेदारी -
महेंद्र सिंह धोनी का खेलना तय है। वहीं हार्दिक पांड्या भी अपनी जगह पक्की कर चुके हैं। गेंदबाजी में भारत के पास सीमित ओवरों के दो सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर कुमार मौजूद हैं। बाएं हाथ के तेज गेंदबाद खलील अहमद को भी टीम में पहली बार चुना गया। कमजोर प्रतिद्वंद्वी सामने होने के कारण रोहित खलील को पदार्पण करने का मौका भी दे सकते हैं, लेकिन इसकी संभावनाएं कम ही लग रही हैं। स्पिन विभाग में रोहित, युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव की जोड़ी पर ही निर्भर रहना चाहेंगे। बीते एक साल में इस जोड़ी ने भारत को कई अहम जीतें दिलाई हैं। वहीं अगर हांगकांग की बात की जाए तो उसके लिए यह मैच आसान नहीं होने वाला है। हांगकांग ने क्वालीफायर में शानदार प्रदर्शन कर एशिया कप में जगह बनाई थी लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ पहले मैच में वह अपनी लय बरकारर नहीं रख सकी। केडी शाह और एजाज खान ही बल्ले से कुछ संघर्ष कर पाए थे। कप्तान अंशुमन रथ ने हालांकि निजाकत खान के साथ मिलकर टीम को अच्छी शुरुआत दी थी लेकिन टीम का मध्यक्रम और निचलाक्रम पाकिस्तानी गेंदबाजों के सामने ढह गया था।