
मुंबई : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के नए अध्यक्ष सौरव गांगुली के नेतृत्व में रविवार को बीसीसीआई की 88वीं एजीएम में पदाधिकारियों के कार्यकाल की सीमा में ढिलाई देने का निर्णय लिया गया। अब इसे लागू करने से पहले मंजूरी के लिए सुप्रीम कोर्ट भेजा जाएगा। अगर सर्वोच्च न्यायालय से स्वीकृति मिल जाती है तो मौजूदा अध्यक्ष सौरव गांगुली का कार्यकाल बढ़ सकता है। वर्तमान कूलिंग पीरियड नियम के तहत वह सिर्फ और नौ महीने तक इस पद पर रह सकते हैं।
गांगुली की अध्यक्षता में पहली वार्षिक आम बैठक
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के बोर्ड अध्यक्ष बनने के बाद पहली वार्षिक आम बैठक थी। बोर्ड के एक अधिकारी के अनुसार अगर इन प्रस्तावित संशोधनों को सर्वोच्च न्यायलय की मंजूरी मिल गई तो गांगुली 2024 तक बीसीसीआई के अध्यक्ष बने रह सकते हैं।
मौजूदा नियम यह है
लोढ़ा समिति की सिफारिशों को बीसीसीआई में लागू किए जाने के बाद बने वर्तमान संविधान के अनुसार, अगर किसी पदाधिकारी ने बीसीसीआई या राज्य संघ को मिलाकर तीन-तीन साल के दो कार्यकाल पूरा कर लिया है तो उसे कूलिंग ऑफ पर जाना होगा। यह पीरियड तीन साल का होगा। इस नियम के अनुसार, पांच साल से ज्यादा का समय तक कैब का अध्यक्ष रह चुके दादा के पास सिर्फ 2020 सितंबर तक का समय है। बता दें कि गांगुली ने इसी साल 23 अक्टूबर को बीसीसीआई अध्यक्ष का पद संभाला है। लेकिन अगर इस नियम में छूट मिल जाती है तो वह तीन-तीन साल के लिए लगातार दो बार बीसीसीआई अध्यक्ष रह सकते हैं और उनका कार्यकाल 2024 तक बढ़ जाएगा।
Updated on:
02 Dec 2019 08:58 am
Published on:
01 Dec 2019 04:49 pm
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