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ENG vs IND: इंग्लैंड दौरे पर पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका, मोहम्मद शमी का टेस्ट टीम से कट सकता है पत्ता, ये है वजह

ENG vs IND Test 2025: टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी एक बार फिर भारतीय टीम से बाहर हो सकते हैं। वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के लिए टीम इंडिया का हिस्सा नहीं बन पाए थे।

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Mohammad Shami

टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी (फोटो क्रेडिट-Mohammad Shami X Account)

England vs India Test Series 2025: भारतीय क्रिकेट टीम के चयनकर्ता इंग्लैंड के खिलाफ 5 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए जल्द ही टीम का ऐलान कर सकते हैं। इस टीम पर सबकी नजरे टिकी हुई हैं। इंग्लैंड दौरे पर रोहित शर्मा और विराट कोहली के रिप्लेसमेंट पर भी नजर होगी। अब एक और चौकाने वाली खबर आ रही है कि मोहम्मद शमी को टीम इंडिया से बाहर होना पड़ सकता है। टीम इंडिया को 20 जून से इंग्लैंड के खिलाफ 5 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। शमी की फिटनेस और हालिया फॉर्म को लेकर चिंताएं उनके सेलेक्शन पर भारी पड़ सकती हैं। यह खबर रोहित शर्मा और विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद भारतीय प्रशंसकों के लिए एक और झटका हो सकता है।

फिटनेस और फॉर्म पर सवाल

मोहम्मद शमी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जून 2023 में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के बाद से कोई टेस्ट मैच नहीं खेला है। 2023 वनडे विश्व कप के दौरान लगी चोट और 2024 में हुई सर्जरी के कारण वह लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहे। इस साल की शुरुआत में उन्होंने टी20 और चैंपियंस ट्रॉफी के जरिए वापसी की, लेकिन उनकी लय पहले जैसी नहीं दिखी। आईपीएल 2025 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए उनका प्रदर्शन भी औसत रहा। बीसीसीआई की मेडिकल टीम ने बताया है कि 34 वर्षीय शमी लंबे स्पैल गेंदबाजी करने में असमर्थ हो सकते हैं, जो टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड की परिस्थितियों में जरूरी है।

बीसीसीआई सूत्रों के अनुसार चयनकर्ता फिट और लंबे स्पैल फेंकने वाले गेंदबाजों की तलाश में हैं। इंग्लैंड में टेस्ट मैचों में तेज गेंदबाजों से 10 ओवर से अधिक गेंदबाजी की उम्मीद होती है। शमी की मौजूदा स्थिति ऐसी है कि वो 10 ओवर से ज्यादा फेंकने असहज हैं। दूसरी ओर जसप्रीत बुमराह ने भी संकेत दिए हैं कि वह पांच में से केवल दो या तीन टेस्ट खेल सकते हैं। ऐसे में अर्शदीप सिंह और अंशुल कम्बोज जैसे युवा तेज गेंदबाजों को मौका मिल सकता है। अर्शदीप की स्विंग गेंदबाजी और काउंटी क्रिकेट का अनुभव उन्हें मजबूत दावेदार बनाता है, जबकि कम्बोज ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 74 विकेट लेकर अपनी क्षमता दिखाई है।

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