
नई दिल्ली । भारत के सफलतम कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने साल 2014 में बीच सिरीज़़ में टेस्ट कप्तानी छोड़ कर पूरी दुनिया को आश्र्यचकित कर दिया था । टेस्ट कप्तानी छोड़ने के बाद धोनी ने वनडे और टी20 कप्तानी को भी उसी अंदाज़ में अलविदा कहा था।धोनी ने तब यह फैसला अचानक क्यों लिया इस पर ना तो बीसीसीआई ने कुछ कहा है और ना ही धोनी की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आई थी।क्रिकेट के जानकारों ने उनके इस फैसले के पीछे कई कारण गिनाएं थे । अब धोनी खुद सामने आएं हैं उन सभी सवालों का जवाब देने जिनका जवाब अब तक नहीं मिल पाया था ।
कपिल देव और सौरव गांगुली से रिकार्ड्स में काफी आगे
धोनी का कप्तानी छोड़ना भारतीय प्रशंसकों के लिए किसी सदमे से कम नहीं था धोनी ने यह फैसला अचानक लिया था।टीम इंडिया के 37 साल के तजुर्बेकार विकेटकीपर बल्लेबाज धोनी ने वैसे ऐसे फैसले पहले भी कई बार लिए हैं । कपिल देव ने भारतीय टीम को पहली बार विश्वविजेता बनवाया था तो वहीं बंगाल टाइगर के नाम से विख्यात सौरव गांगुली की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम ने सफलता की नई ऊंचाइयों को छुआ था।लेकिन इन दोनों से कप्तानी के मामले में महेन्द्र सिंह धोनी बहुत आगे थे।माही की कप्तानी में भारत दो बार क्रिकेट के अलग-अलग फार्मेट में विश्वविजेता बना और टीम में एक अलग ही आत्मविश्वास झलकने लगी थी ।
धोनी ने कहा विराट के लिए छोड़ी कप्तानी
रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर सीआईएसएफ के साथ एक मोटिवेशनल प्रोग्राम के दौरान हाल ही में धोनी ने वनडे और टी-20 की कप्तानी से हटने की वजह का खुलासा किया है । धोनी ने कहा, 'मैंने कप्तानी से इसलिए इस्तीफा दिया क्योंकि मैं चाहता था कि नए कप्तान को 2019 के वर्ल्ड कप से पहले एक टीम तैयार करने के लिए पर्याप्त समय मिले।नए कप्तान को उचित समय दिए बिना एक मजबूत टीम का चयन करना संभव नहीं है। मेरा मानना है कि मैंने सही समय पर कप्तानी छोड़ दी थी ।'
Published on:
13 Sept 2018 05:01 pm
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