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सचिन तेंदुलकर के नाक से बह रहा था खून, फिर भी बोला- ‘मैं खेलेगा’

क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर (sachin tendulkar) जब 15 साल के थे तब पाकिस्तान के खूंखार गेंदबाजी लाइनअप के खिलाफ खेलते हुए उनके साथ एक दर्दनाकर घटना घटी थी। नवजोत सिंह सिद्धू ने बीते दिनों सचिन तेंदुलकर से जुड़ा एक ऐसा किस्सा शेयर किया है जिसने उनमें जान फूंक दी थी।
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Prabhat sharma

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Jan 18, 2022

sachin tendulkar

sachin tendulkar

'यूं ही नहीं कोई सचिन तेंदुलकर बन जाता' सचिन तेंदुलकर (sachin tendulkar) केवल एक नाम नहीं बल्कि करोड़ो दिलों की धड़कन है। इंटरनेशनल क्रिकेट में कुछ ही ऐसे रिकॉर्ड होंगे जिसे मास्टर ब्लास्टर ने ना तोड़ा हो।छोटे कद का लड़का जो आगे चलकर क्रिकेट का भगवान बन गया उसके इंसान से भगवान बनने की कहानी काफी दिलचस्प रही है। सचिन तेंदुलकर जब 15 साल के थे तभी उन्होंने इस चीज की नींव रख दी थी। टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) ने सचिन से जुड़ा एक हैरान कर देने वाला किस्सा शेयर किया था। सिद्धू ने बताया कि कैसे व़कार युनुस (Waqar Younis) की गेंद पर खून-खच्चर होने के बावजूद सचिन तेंदुलकर ने मैदान नहीं छोड़ा था।

किस्सा है 14 दिसंबर, 1989 का जब टीम इंडिया पाकिस्तान के खिलाफ सियालकोट के मैदान पर चौथा टेस्ट मैच खेल रही थी। टीम इंडिया के बल्लेबाज पाकिस्तानी गेंदबाजों इमरान खान, वसीम अकरम और वक़ार युनुस के सामने पूरी तरह से बेबस नजर आ रहे थे। हरी पिच पर पाकिस्तान के गेंदबाज आग बरसा रहे थे आलम ये रहा कि टीम इंडिया ने 22 रन पर ही अपने 4 विकेट गंवा दिए। इसके बाद बल्लेबाजी के लिए आए 15 साल के सचिन तेंदुलकर।

नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, 'सचिन तेंदुलकर जब बल्लेबाजी के लिए आ रहा था तब मैंने सोचा ये बलि का बकरा है। ये तो आउट होगा ही। जैसे ही सचिन ने वकार युनुस की दूसरी गेंद को हुक करने का प्रयास किया वैसे ही गेंद ने उनके बल्ले का किनारा लिया और उनकी नाक से टकराई। सचिन पिच पर गिर गए उनकी नाक से खून बह रहा था और वो काफी दर्द में थे। एक पल के लिए मुझे लगा कि ये बचेगा भी की नहीं बचेगा।'
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नवजोत सिंह सिद्धू ने आगे कहा, 'मैं जब नॉनस्ट्राइकर एंड पर जा रहा था और सोच रहा था कि अब हमारी टीम का क्या होगा। तब मुझे एक धीमी सी आवाज सुनाई दी ये आवाज सचिन तेंदुलकर की थी वो कह रहे थे- मैं खेलेगा। मैंने पीछे मुड़ककर देखा उसकी नाक से खून बह रहा था और वो बोल रहा था मै खेलेगा। अगर मेरे चोट लगी हुई होती तो मैं ऐसा कभी नहीं कर पाता।'


बता दें कि इस मैच में सचिन तेंदुलकर ना केवल खेले बल्कि धागा ही खोल दिया। 15 साल के सचिन ने पाकिस्तान की खूंखार गेंदबाजी के सामने 57 रनों की पारी खेली और बता दिया कि क्रिकेट के मैदान पर एक नए सितारे का जन्म हो गया है। सचिन ने इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा और भारत के लिए 200 टेस्ट मैच और 463 वनडे मुकाबले खेले।
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