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सवाई मानसिंह स्टेडियम समेत इन मैदानों पर एनजीटी का बड़ा एक्शन, अब नहीं खेले जाएंगे यहां मैच, नोटिस की अनदेखी पड़ी भारी

एनजीटी ने यह कार्रवाई उन स्टेडियमों के खिलाफ की है जिन्होंने सेंट्रल ग्राउंड वाटर अथॉरिटी और ट्रिब्यूनल की ओर से बार-बार भेजे गए नोटिसों का जवाब नहीं दिया।
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भारत

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Siddharth Rai

Jul 10, 2026

SMS Stadium Jaipur

SMS Stadium Jaipur _ File PIC

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने बड़ा एक्शन लेते हुए भूजल के इस्तेमाल और जल संरक्षण से जुड़े नियमों का पालन नहीं करने पर देश के तीन प्रमुख क्रिकेट स्टेडियमों में खेल गतिविधियों पर अंतरिम रोक लगा दी है। ट्रिब्यूनल ने स्पष्ट किया है कि उसकी अनुमति के बिना इन स्टेडियमों में कोई भी खेल आयोजन नहीं किया जाएगा। यह आदेश अगली सुनवाई तक प्रभावी रहेगा।

किन स्टेडियमों पर गिरी गाज?

एनजीटी ने यह कार्रवाई उन स्टेडियमों के खिलाफ की है जिन्होंने सेंट्रल ग्राउंड वाटर अथॉरिटी (CGWA) और ट्रिब्यूनल की ओर से बार-बार भेजे गए नोटिसों का जवाब नहीं दिया। प्रतिबंधित स्टेडियमों में शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम (रायपुर), सवाई मानसिंह स्टेडियम (जयपुर) और डॉ. डी.वाई. पाटिल स्टेडियम (मुंबई) शामिल हैं।

एनजीटी किस मामले की सुनवाई कर रहा है?

मामला क्रिकेट मैदानों के रखरखाव के लिए भूजल या ताजे पानी के उपयोग से जुड़ा है। एनजीटी का कहना है कि स्टेडियमों को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से उपचारित पानी का उपयोग करना चाहिए। साथ ही, भूजल संरक्षण के लिए वर्षा जल संचयन जैसी व्यवस्थाएं भी अनिवार्य रूप से स्थापित की जानी चाहिए।

नोटिस को किया अनदेखा

इससे पहले अप्रैल 2026 में एनजीटी ने देश के छह प्रमुख क्रिकेट स्टेडियमों को नोटिस जारी कर पूछा था कि वे पिच और मैदान के रखरखाव के लिए किस जल स्रोत का उपयोग कर रहे हैं और इसकी जानकारी सीजीडब्ल्यूए को क्यों नहीं दी गई। नोटिस पाने वाले अन्य स्टेडियमों में अरुण जेटली स्टेडियम (नई दिल्ली), इकाना क्रिकेट स्टेडियम (लखनऊ) और बाराबती स्टेडियम (कटक) भी शामिल थे।

बाराबती स्टेडियम ने मांगा अतिरिक्त समय

2 जुलाई के अंतरिम आदेश में एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने बताया कि बाराबती स्टेडियम ने जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। लखनऊ के इकाना स्टेडियम और दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है, हालांकि अरुण जेटली स्टेडियम से सीजीडब्ल्यूए ने कुछ अतिरिक्त जानकारी भी मांगी है।

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकीलों ने ट्रिब्यूनल को बताया कि रायपुर, जयपुर और मुंबई के स्टेडियमों ने कई बार नोटिस मिलने और जुर्माना लगाए जाने के बावजूद कोई जवाब नहीं दिया। इस पर सीजीडब्ल्यूए के वकील ने भी पुष्टि की कि संबंधित स्टेडियमों को कई बार नोटिस भेजे गए, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

एनजीटी ने अपने आदेश में कहा कि देश के कई हिस्सों में गंभीर जल संकट को देखते हुए स्टेडियमों से जिम्मेदार रवैये की अपेक्षा थी। इसके बावजूद लगातार नोटिसों की अनदेखी की गई, जिससे अंतरिम प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता पड़ी। मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी। तब तक इन तीनों स्टेडियमों में एनजीटी की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार की खेल गतिविधि आयोजित नहीं की जा सकेगी।