BCCI ने सीओए का बनाया नियम को बदल दिया है। पिछले साल मई में सीओए ने यह तय किया था कि विदेशी दौरे पर खिलाड़ियों को अपने साथ परिवार को रखने की इजाजत कप्तान और कोच देगा।
नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट टीम में विदेशी दौरे पर पत्नियों या फिर गर्लफ्रेंड को खिलाड़ियों के साथ रखने को लेकर पिछले समय में काफी चर्चा हुई थी। पिछले साल मई में सीओए ने बैठक में यह तय किया था कि अगर कोई खिलाड़ी तय समय से ज्यादा समय के लिए अपनी पत्नी और गर्लफ्रेंड को रखना चाहता है तो उसे इसके लिए उन्हें कप्तान और कोच से बात करनी होगी। कहा जाता है कि विराट कोहली और रोहित शर्मा के बीच कथित मनमुटाव के पीछे भी यही कारण था। हालांकि अब बीसीसीआई (BCCI) ने इस नियम में बदलाव कर दिया है। अब विदेशी दौरे पर अपने साथ परिवार को रखने के लिए खिलाड़ियों को बीसीसीआई से अनुमति लेनी पड़ेगी।
इस नियम से टीम के माहौल पर पड़ रहा था असर
बीसीसीआई अधिकारी ने कहा कि इस नियम में अब बदलाव किया जाएगा। ऐसा देखा जा रहा था कि वर्तमान नियम से टीम के माहौल पर असर पड़ रहा था। इस नियम के कारण कोई खिलाड़ी विजिटर पीरियड के बाद अगर किसी को अपने साथ रखना चाहता है तो उन्हें टीम के कोच और कप्तान से बात करनी पड़ती है। इसमें कई खिलाड़ी सहज नहीं थे। इस वजह से बीसीसीआई इस पर विचार कर रहा है कि अब अगर कोई खिलाड़ी इस अवधि में किसी को अपने साथ रखना चाहता है तो उसे बीसीसीआई से बात करनी होगी।
डायना एडुल्जी ने किया फैसले का स्वागत
सीओए की पूर्व सदस्य डायना एडुलजी बीसीसीआई के ताजा फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि सच में इससे टीम का माहौल खराब हो रहा था। यह नियम हट जाने से अब खिलाड़ी अब आपस में सहज रहेंगे। सही बात है कि ऐसे फैसले कप्तान और कोच को नहीं, बल्कि बीसीसीआई को ही लेने चाहिए। कप्तान और कोच को सिर्फ खेल पर ध्यान देना चाहिए।