
भारतीय टीम के पूर्व कोच और महान बल्लेबाज राहुल द्रविड़ (Photo- ANI)
Rahul Dravid, T20 World Cup 2026: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में होस्ट के साथ - साथ डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में भी उतरेगी। ऐसे में क्या भारत अपने घर पर टाइटल डिफ़ेंड करने वाला पहला देश बन पाएगा या नहीं? ये तो वक़्त ही बताएगा। टीम के पूर्व कोच और महान बल्लेबाज राहुल द्रविड़ ने टीम इंडिया को वर्ल्ड कप से पहले एक चेतावनी दी है।
द्रविड़ का मानना है कि सूर्यकुमार यादव की कप्तानी और गौतम गंभीर की कोचिंग में भारतीय टीम जिस तरह का क्रिकेट खेल रही है, वह अब तक देखा नहीं गया है। भारत ने पिछले लगभग तीन साल में कोई भी अंतरराष्ट्रीय टी20 सीरीज़ नहीं गंवाई है। आख़िरी बार टीम को अगस्त 2023 में वेस्टइंडीज़ के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। यह जीत का सिलसिला आगामी घरेलू टी20 वर्ल्ड कप में भारत को एक बेहद मज़बूत टीम बनाता है। हालांकि, द्रविड़ ने अपने अनुभव के आधार पर टीम इंडिया को सतर्क रहने की सलाह भी दी है।
19 नवंबर 2023 की यादें अब भी द्रविड़ के ज़ेहन में ताज़ा हैं। द्रविड़ ने याद दिलाया कि सिर्फ़ एक खराब मैच पूरे टूर्नामेंट में किए शानदार प्रदर्शन को खराब कर के रख देता है। द्रविड़ 2023 वर्ल्ड कप के बाद कोच पद से हटना चाहते थे, लेकिन रोहित शर्मा के मनाने पर उन्होंने अपना कार्यकाल आगे बढ़ाया। द्रविड़ ने अगले छह महीने तक टीम के साथ काम किया और ऊँचे स्तर पर अपने सफर का अंत किया, लेकिन वनडे वर्ल्ड कप के फ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अप्रत्याशित हार की टीस आज भी उन्हें याद दिलाती है कि चाहे टीम कितनी भी मज़बूत क्यों न हो, एक खराब दिन सब कुछ बदल सकता है।
द्रविड़ ने कहा, "भारत इस समय टी20 क्रिकेट ज़्यादातर टीमों से अलग स्तर पर खेल रहा है। पिछले कुछ सालों में हमारी सफलता दर करीब 80 प्रतिशत रही है, जो इस फ़ॉर्मेट की अनिश्चितताओं को देखते हुए काबिले-तारीफ़ है। हम साफ़ तौर पर फेवरेट के रूप में शुरुआत करेंगे और सेमीफाइनल तक पहुंचेंगे, लेकिन जैसा मैंने अपने कड़वे अनुभव से सीखा है, फ़ैसला उसी दिन बेहतर खेलने वाली टीम का होता है। कोई भी खिलाड़ी एक अच्छी पारी खेलकर आपको चौंका सकता है।" द्रविड़ ने यह बात लेखक आर. कौशिक की किताब ‘द राइज़ ऑफ़ द हिटमैन’के विशेष समारोह में कही।
द्रविड़ के मुताबिक, भारत की इस ऐतिहासिक जीत के पीछे सिर्फ़ एक व्यक्ति नहीं था, लेकिन रोहित शर्मा की भूमिका बेहद अहम रही। रोहित की अगुवाई में टीम ने वेस्टइंडीज़ में 13 साल बाद आईसीसी ट्रॉफी जीती। इसकी शुरुआत टी20 वर्ल्ड कप 2022 में ऑस्ट्रेलिया में इंग्लैंड से 10 विकेट की करारी हार के बाद हुई थी। उस समय रोहित ने महसूस किया कि बदलाव ज़रूरी है और उन्होंने आगे बढ़कर बल्लेबाज़ी में क्रांतिकारी सोच को जन्म दिया, जिसका फायदा टीम आज भी उठा रही है।
द्रविड़ ने कहा, “हमें लग रहा था कि व्हाइट-बॉल क्रिकेट में हम थोड़ा पीछे रह गए हैं और हमें अपनी सीमाओं को और आगे बढ़ाना होगा। रन रेट बढ़ रहे थे, जोखिम लेने की प्रवृत्ति बढ़ रही थी और हमें उस हकीकत के मुताबिक खुद को ढालना था।”
उन्होंने आगे कहा, “सबसे शानदार बात यह थी कि रोहित ने खुद इसकी अगुवाई की। उन्होंने दूसरों से कहने के बजाय खुद टेम्पो सेट करने की ज़िम्मेदारी ली। जब आपका कप्तान यह कहता है कि ‘मैं यह करूंगा, भले ही इससे मेरा औसत या व्यक्तिगत आंकड़े प्रभावित हों,’ तो उस संदेश को पूरी टीम तक पहुंचाना बेहद आसान हो जाता है।”
द्रविड़ ने कहा, "मुझे लगता है कि रोहित ने कप्तान के तौर पर इस बदलाव को बेहतरीन तरीके से संभाला। टीम को कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ कि वह बदल गए हैं और यही किसी भी लीडर की एक दुर्लभ और बेहद अहम खूबी होती है।"
Published on:
28 Jan 2026 09:06 am
बड़ी खबरें
View Allक्रिकेट
खेल
ट्रेंडिंग
T20 World Cup 2026
