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ऋषभ पंत का बड़ा खुलासा, बताया नेट्स में बड़े शॉट्स मारने की वजह से नराज होते थे कोच

Champions Trophy 2025 के पूरे टूर्नामेंट में बेंच पर बैठने वाले ऋषभ पंत ने टूर्नामेंट के बाद बड़ा खुलासा किया है और बताया कि कैसे कोच नेट्स में बड़े शॉट्स लगाने की वजह से नराज हो जाते थे।

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Rishabh pant

Rishabh Pant Memory: भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को अलग तरह की खेल शैली और आसानी से छक्के मारने के कौशल के लिए पूरी दुनिया में सराहा जाता है। वह हाल ही में टीम इंडिया के साथ चैंपियंस ट्रॉफी लेकर देश लौटे हैं और दुनियाभर की बधाइयां बटोर रहे हैं। पंत टीम इंडिया की उस टीम का भी हिस्सा थे, जहां भारत ने साउथ अफ्रीका को फाइनल में हराकर 8 महीने पहले ही टी20 वर्ल्डकप का खिताब जीता था। हालांकि केएल राहुल के होने की बदौलत उन्हें चैंपिंयस ट्रॉफी के दौरान सभी मैचों में बेंच पर बैठना पड़ा। देश लौटते ही पंत ने बड़ा खुलासा किया है और बताया है कि कैसे उनकी डिफेंस को मजबूत किया गया।

पंत भारत की चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीम का हिस्सा थे, उन्हें भारत की खिताब जीतने वाली चैंपियंस ट्रॉफी अभियान में एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला क्योंकि केएल राहुल को उनके आगे चुना गया था। अपने क्रिकेट के सफर का एक किस्सा साझा करते हुए, पंत ने बताया कि उनके कोच नेट्स में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली पर कैसे प्रतिक्रिया देते थे।

पंत ने कहा, "जब मैंने रुड़की से आने के बाद खेलना शुरू किया, तो मैंने ज़्यादातर लॉफ़्टेड शॉट खेले। मैं मैदान के साथ खेलने के बारे में नहीं सोचता था क्योंकि मैं पारी की शुरुआत करता था। मेरे पिता हमेशा कहते थे कि अपने आयु वर्ग के खिलाफ खेलना सामान्य है, लेकिन अगर आप क्रिकेट में सुधार करना चाहते हैं, तो आपको बड़े खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए। इसलिए, छोटी उम्र से ही, उन्होंने मुझे सीनियर टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। जब मैं 10 या 11 साल का था, तब भी मैंने ओपन टूर्नामेंट खेले।"

आक्रामक खेल की वजह से सुनते थे डांट

उन्होंने कहा, "जब मैं तारक सर से जुड़ा, तो वे बहुत नाराज होते थे। उनका एक नियम था, आपको पहले डिफेंस सीखना चाहिए। अगर आप डिफेंस में माहिर हो जाते हैं, तो आप बाकी सब में माहिर हो जाएंगे।' उनका मानना ​​था कि मैं पहले से ही बड़े शॉट मारना जानता हूं, इसलिए वे चाहते थे कि मैं डिफेंस करना सीखूं। मैं बल्लेबाजी करते समय उन पर नजर रखता था। अगर वे देख रहे होते, तो मैं उचित डिफेंस खेलता, ड्राइव और टेक्स्टबुक शॉट खेलता। लेकिन जैसे ही मैं उन्हें दूर देखता, मैं अपना स्वाभाविक आक्रामक खेल खेलने लगता।''

पंत ने कहा, "मैं बचपन में जिमनास्टिक किया करता था। मेरे जिमनास्टिक कोच ने हमेशा मुझसे कहा कि यह जीवन में काम आएगा। हमारे भारतीय टीम के ट्रेनर बासु सर ने एक बार 2018-19 में मुझसे कहा था, 'अपने जिमनास्टिक कोच को धन्यवाद कहना, क्योंकि उन्होंने बचपन में जो सिखाया था, वह आज भी तुम्हारे काम आ रहा है।' मैंने हैंड स्प्रिंग का अभ्यास जारी रखा और इसने निश्चित रूप से मेरी फिटनेस में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है।'' पंत इंडियन प्रीमियर लीग 2025 सीजन में लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) की अगुआई करेंगे। पिछले साल की मेगा नीलामी में उन्हें फ्रेंचाइजी ने रिकॉर्ड तोड़ 27 करोड़ रुपये में साइन किया था।

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