
वैभव सूर्यवंशी। (फाइल फोटो: IANS)
Sanjay Manjrekar on Vaibhav Sooryavanshi: IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी सबसे उभरते हुए युवा सितारों में से एक हैं। उन्होंने महज 15 साल की उम्र में सिर्फ 11 पारियों में 236.56 के जबरदस्त स्ट्राइक रेट से शानदार 440 रन बनाए हैं। इस लाजवाब प्रदर्शन को देख हर कोई उन्हें भारतीय टीम में शामिल करने की मांग कर रहा है। जहां पूरे टूर्नामेंट में उनकी निडर बल्लेबाजी ने सबका ध्यान खींचा है, वहीं भारत के पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने खुलासा किया है कि इस बात को लेकर चिंता बढ़ रही है कि राजस्थान रॉयल्स फ्रैंचाइजी इस युवा खिलाड़ी का इस्तेमाल अनजाने में गलत तरीके से कर रही है।
दरअसल, सूर्यवंशी का इस्तेमाल ज्यादातर 'इम्पैक्ट प्लेयर' के तौर पर किया गया है। वे मुख्य रूप से बल्लेबाज के तौर पर आते हैं और शायद ही कभी मैदान पर फील्डिंग करते हैं। मांजरेकर को लगता है कि इससे एक क्रिकेटर के तौर पर इस युवा खिलाड़ी का समग्र विकास बाधित हो सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि फील्डिंग भी खेल का उतना ही जरूरी हिस्सा है।
मांजरेकर ने 'स्पोर्टस्टार इनसाइट एज पॉडकास्ट' पर कहा कि मुझे अब यह ज्यादा महसूस हो रहा है कि 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम पर इस वजह से भी फिर से विचार किया जाना चाहिए। क्या हम वैभव सूर्यवंशी से बस यही देखना चाहते हैं। उनके खेल का सिर्फ एक पहलू? एक क्रिकेटर वह होता है, जो अच्छी बल्लेबाजी भी करे और अच्छी फील्डिंग भी करे।
उन्होंने समझाया कि खिलाड़ियों की पिछली पीढ़ियों को उनके खेल के सभी पहलुओं के आधार पर परखा जाता था। हम इंजमाम-उल-हक जैसे खिलाड़ियों की बल्लेबाजी का सम्मान करते थे, लेकिन हम उनकी फील्डिंग और उनके खेल के दूसरे पहलुओं को भी देखते थे। इससे लोगों को किसी खिलाड़ी का सही आकलन करने में मदद मिलती थी। अभी तो कोई भी आ सकता है, कुछ गेंदें खेल सकता है, अपनी हिटिंग की काबिलियत दिखा सकता है और फिर अपने क्रिकेट का दूसरा पहलू दिखाए बिना ही चला जाता है।
मांजरेकर ने आगे कहा कि हम किसी खिलाड़ी के तीनों पहलू देखने की उम्मीद नहीं करते, लेकिन जितना ज्यादा मैं इस बारे में सोचता हूं, यह सब समझ में आता है और आप सही कह रहे हैं। सूर्यवंशी को आप मैदान पर देखना चाहते हैं। अगर वह एक बेहतरीन बैटर है, लेकिन फील्डिंग में थोड़ा कमज़ोर है, तो मैं चाहूंगा कि उस कमजोरी का फायदा उठाया जाए।
यह कुछ ऐसा भी है, जिसका अनुभव हमने फील्डर के तौर पर किया है। जब हम कोई कैच छोड़ देते हैं, तो उसके साथ जो तनाव आता है, वह बैटिंग करते समय भी बना रहता है। आप नहीं चाहेंगे कि इस खेल के सबसे ऊंचे स्तरों में से एक इतना आसान हो।
भारत के पूर्व बैटर ने यह भी बताया कि इंटरनेशनल क्रिकेट में ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत होती है, जो हर तरह से माहिर हों, न कि सिर्फ ऐसे स्पेशलिस्ट जो किसी एक ही चीज में योगदान दें। उनके मुताबिक, रॉयल्स शायद अनजाने में ही सूर्यवंशी के विकास को रोक रहे हैं, क्योंकि वे उसे सिर्फ एक 'इम्पैक्ट प्लेयर' के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं।
Published on:
12 May 2026 04:30 pm
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