
नई दिल्ली। बंगाल क्रिकेट संघ में अध्यक्ष सौरभ गांगुली के खिलाफ सवाल उठने लगे है। प्रिंस ऑफ कोलकाता के नाम से मशहूर पूर्व भारतीय कप्तान सौरभ गांगुली के खिलाफ सवाल उठाने वाला कोई और नहीं उन्हीं की राशि का एक शख्स है। बंगाल क्रिकेट संघ के संयुक्त सचिव सुबीर गांगुली ने दादा के खिलाफ बगावती सुर अख्तियार किया है। सुबीर ने पत्र लिख कर गांगुली से अध्यक्षता छोड़ने की मांग की है। बता दें कि सुबीर गांगुली के खिलाफ कूलिंग ऑफ का मामला चल रहा है। अपने खिलाफ हो रही इस कारवाई पर सुबीर ने कहा कि अगर उन्हें ‘कूलिंग ऑफ’ पर जाने के लिये बाध्य किया जाता है, तो लोढा समिति के अनुसार यही नियम इस महान क्रिकेटर भी भी लागू होता है। बता दें कि जगमोहन डालमिया के बाद सौरभ गांगुली अध्य़क्ष पद है।
गांगुली के विरोधी खेमा से आते है सुबीर
सुबीर गांगुली बंगाल क्रिकेट संघ में लंबे समय से काम कर रहे हैं। मौजूदा दौर में सुबीर राज्य संघ के पूर्व कोषाध्यक्ष बिस्वरूप डे के साथ सौरभ गांगुली के विरोधी खेमा से जुड़े है। सुबीर ने तीन पन्नों के अपने पत्र में लिखा है कि अगर आप मुझे संयुक्त सचिव के पद पर जारी रखने के लिये मुझे अमान्य करार कते हो तो लोढा समिति की सिफारिशों के अनुसार आप भी जारी नहीं रह सकते और इसके अनुसार ‘कूलिंग ऑफ’ का तीन साल का समय आपके खिलाफ भी लागू होगा। आपको भी तुरंत प्रभाव से अपना पद छोड़ना होगा।
बंगाल में क्रिकेट का दूसरा नाम माने जाते है सौरभ गांगुली
बंगाल से ताल्लुक रखने वाले सबसे बड़े क्रिकेटर के रूप में सौरभ गांगुली की ख्याति है। गांगुली और डालमिया की जोड़ी ने लंबे समय तक बंगाल क्रिकेट संघ के साथ-साथ बीसीसीआई पर भी अपना प्रभुत्व बनाए रखा था। अब जब डालमिया का निधन हो चुका है तब यह देखना दिलचस्प होगा कि गांगुली अपने खिलाफ उठ रहे इन बगावती सुरों का सामना कैसे करते है।
Published on:
28 Oct 2017 02:24 pm
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