
Gavaskar wanted to bat like Rohit
नई दिल्ली : टीम इंडिया (Team India) के पूर्व कप्तान और विश्व के महानतम सलामी बल्लेबाजों में से एक सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने रोहित शर्मा (Rohit Sharma) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सीमित ओवरों की क्रिकेट में टीम इंडिया के उपकप्तान और सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा की आक्रामकता की तारीफ की और कहा कि सीमित ओवर के क्रिकेट में वह भी रोहित जैसी आक्रमक बल्लेबाजी करना चाहते थे। टेस्ट क्रिकेट में सबसे पहले 10,000 रन के आंकड़े तक पहुंचने वाले गावस्कर ने इंडिया टूडे के एक कार्यक्रम में उक्त बातें कही।
वनडे में तीन दोहरे शतक लगाने वाले इकलौते बल्लेबाज
2015 के बाद रोहित शर्मा ने सीमित ओवरों के क्रिकेट में ओपन क्या करना शुरू किया, उनके तेवर ही बदल गए। इन पांच सालों में उन्होंने 97 वनडे पारियों में 62.36 के औसत से 95.44 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। उनके नाम इस दौरान 24 शतक दर्ज हैं। वह वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक लगाने वाले दुनिया के इकलौते बल्लेबाज हैं और वनडे में सर्वाधिक 264 रन की पारी खेलने का सम्मान भी उन्हें ही हासिल है।
रोहित की ही तरह खेलना चाहते थे गावस्कर
गावस्कर ने कहा कि एकदिवसीय क्रिकेट में रोहित शर्मा जिस विस्फोटक अंदाज में पारी की शुरुआत करते हैं और टेस्ट क्रिकेट में पहले ही ओवर से जिस तरह शॉट्स लगाना शुरू कर देते हैं। उसी तरह वह भी खेलना चाहते थे। गावस्कर ने कहा कि हालांकि जब वह खेलते थे, तब जैसे हालात थे, उसमें उन्हें खुद पर भी इतना भरोसा नहीं था कि वह तेजी से रन बना सकते हैं। इसलिए उन्होंने कभी इस तरह की बल्लेबाजी की कोशिश नहीं की। हालांकि जब वह यह देखते हैं कि अब बल्लेबाज ऐसा करते हैं तो उन्हें बहुत खुशी होती है।
कोहली की टीम को बताया सर्वश्रेष्ठ टेस्ट टीम
गावस्कर सिर्फ रोहित की तारीफ तक ही नहीं रुके। इसके एक कदम आगे जाकर उन्होंने विराट कोहली (Virat Kohli) की कप्तानी वाली मौजूदा टीम इंडिया की भी खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि मौजूदा भारतीय टीम अब तक सर्वश्रेष्ठ भारतीय टीम है। गावस्कर ने कहा कि उनका मानना है कि मौजूदा टेस्ट टीम संतुलन, क्षमता, कौशल और जज्बे के मामले में अब तक की सर्वश्रेष्ठ भारतीय टीम है। वह इससे बेहतर भारतीय टेस्ट टीम के बारे में नहीं सोच सकते।
इस टीम को आक्रमण बनाना है श्रेष्ठ
गावस्कर ने कहा कि इस टीम के पास ऐसा गेंदबाजी आक्रमण है, जो किसी भी तरह की पिच पर मैच जीतने की क्षमता रखता है। इसे जीतने के लिए मददगार परिस्थितियों की जरूरत नहीं है। चाहे जैसी भी परिस्थितियां और विकेट हो यह टीम मैच जीत सकती है। इसके आगे गावस्कर ने कहा कि बल्लेबाजी के मामले में 1980 के दशक की टीमें भी काफी हद तक ऐसी ही थी, लेकिन उनके पास वैसे गेंदबाज नहीं थे, जैसे विराट के पास हैं।
Updated on:
23 Aug 2020 08:17 pm
Published on:
23 Aug 2020 08:13 pm
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