5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

इस पूर्व क्रिकेटर का बड़ा खुलासा, सेलेक्टर्स नहीं कोहली-शास्त्री चुनते हैं टीम

टेस्ट टीम में नहीं चुने जाने के बाद नायर और विजय दोनों ने दावा किया है कि टीम से बाहर करने के फैसले से पहले चयनकर्ताओं ने उनसे बात नहीं की जिसका प्रसाद ने खंडन किया है। उन्होंने कहा कि इन दोनों बल्लेबाजों को इसकी जानकारी दी गई थी। किरमानी से जब सेलेक्शन विवाद पर पूछा गया तो, उन्होंने कहा, अगर आप मुझसे पूछ रहे हो तो रवि शास्त्री कोच होने के कारण चीफ सेलेक्टर है।
2 min read
Google source verification
virat

इस पूर्व क्रिकेटर का बड़ा खुलासा, सेलेक्टर्स नहीं कोहली-शास्त्री चुनते हैं टीम

नई दिल्ली। पूर्व चीफ सेलेक्टर सैयद किरमानी ने भारतीय टीम के चयन को लेकर बड़ा खुलासा किया है। किरमानी का कहना है कि एमएसके प्रसाद की अगुवाई वाली सेलेक्शन कमिटी के पास मुख्य कोच रवि शास्त्री और कप्तान विराट कोहली को चुनौती देने के लिए पर्याप्त अनुभव नहीं है। किरमानी का ये बयान करूण नायर और मुरली विजय को टेस्ट टीम में नहीं चुने जाने के बाद उठे विवाद के बाद आया है।

किरमानी ने किए ये सवाल -
टेस्ट टीम में नहीं चुने जाने के बाद नायर और विजय दोनों ने दावा किया है कि टीम से बाहर करने के फैसले से पहले चयनकर्ताओं ने उनसे बात नहीं की जिसका प्रसाद ने खंडन किया है। उन्होंने कहा कि इन दोनों बल्लेबाजों को इसकी जानकारी दी गई थी। किरमानी से जब सेलेक्शन विवाद पर पूछा गया तो, उन्होंने कहा, अगर आप मुझसे पूछ रहे हो तो रवि शास्त्री कोच होने के कारण चीफ सेलेक्टर है। वह और कप्तान तथा अन्य सीनियर सदस्य मिलकर चर्चा करते हैं और जो वे जो चाहते हैं उस बारे में चयनसमिति को अवगत करा देते हैं। किरमानी ने आगे कहा, ‘मौजूदा सेलेक्शन कमिटी शास्त्री और कोहली के सामने अनुभवहीन है और इसलिए टीम मैनेजमेंट जो चाहता है उस पर वे हामी भरने में भलाई समझते हैं क्योंकि वे शास्त्री या कोहली से बहस नहीं कर सकते हैं क्योंकि वे बहुत अधिक अनुभवी हैं।’

चयनसमिति के पास नहीं है अनुभव -
आपको बता दें पांच सदस्यीय चयनसमिति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के हिसाब से कम अनुभवी है। मुख्य चयनकर्ता प्रसाद ने छह टेस्ट और 17 वनडे खेले हैं। अन्य चार चयनकर्ताओं में शरणदीप सिंह (दो टेस्ट, पांच वनडे), देवांग गांधी (चार टेस्ट, तीन वनडे), जतिन परांजपे (चार वनडे) और गगन खोड़ा (दो वनडे) शामिल हैं और जाहिर है कि इन सभी को कोई खास अनुभव नहीं है।