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विश्व विजेता भारतीय टीम बार-बार दोहरा रही एक ही गलती, आयरलैंड-इंग्‍लैंड दौरे पर फील्डिंग बनी सबसे बड़ी कमजोरी

Team India catching efficiency: टी20 वर्ल्ड कप 2026 से भारतीय टीम की फील्डिंग का स्‍तर बेहद ही खराब रहा है। वर्ल्‍ड कप में जहां भारत ने 13 कैच छोड़ थे, तो वहीं, आयरलैंड और इंग्‍लैंड के दौरे पर अहम मौकों पर 11 कैच टपकाए हैं, जिसके चलते उसकी कैच एफिशिएंसी 72.1 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो वर्ल्‍ड कप (फुल मेंबर देशों में) के बाद सबसे खराब कैचिंग एफिशिएंसी वाली टीमों में सिर्फ बांग्लादेश और आयरलैंड से पीछे हैं।
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भारत

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lokesh verma

Jul 12, 2026

Team India catching efficiency

इंग्‍लैंड के खिलाफ कैच लेने का प्रयास करते शिवम दुबे। (फोटो सोर्स: वीडियो स्‍क्रीन शॉट)

Team India catching efficiency: क्रिकेट में एक कहावत है 'पकड़ों कैच जीतो मैच, छोड़ो कैच हारो मैच'। ये लाइन हालिया आयरलैंड और इंग्‍लैंड के दौरे को देखते हुए भारतीय टीम पर सटीक बैठती है। कुछ महीने पहले ही 2026 में टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतने वाली टीम इंडिया के लिए कैचिंग सबसे छोटी समस्‍या होनी चाहिए थी। लेकिन, इंडियन क्रिकेट टीम के लिए ऐसा नहीं है, जो लगातार दो सीरीज में व्‍हाइटवॉश करा चुकी है। शनिवार इंग्‍लैंड के खिलाफ भी 5वें टी20 मुकाबले में यह एक बार फिर साबित हुआ, जब इंग्‍लैंड के कप्‍तान हैरी ब्रूक ने शिवम दुबे की गलती का पूरा फायदा उठाकर मेहमान टीम को पहली पारी में ही बैकफुट पर धकेल दिया।

सबसे खराब कैचिंग एफिशिएंसी में सिर्फ बांग्लादेश-आयरलैंड से पीछे

टी20 वर्ल्‍ड कप के बाद से भारतीय टीम की फील्डिंग खासकर कैचिंग सबसे बड़ी चिंता रही है। सिर्फ इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में ही भारत ने पांच कैच टपकाए। जबकि इससे पहले आयरलैंड के खिलाफ 2 मैचों में 6 कैच छोड़ दिए। पिछली दो सीरीज में भारत की फील्डिंग इतनी खराब रही कि वह अब टी20 वर्ल्ड कप 2026 (फुल मेंबर देशों में) के बाद सबसे खराब कैचिंग एफिशिएंसी वाली टीमों में सिर्फ बांग्लादेश और आयरलैंड से पीछे हैं। टी20 वर्ल्ड कप से उसकी कैच एफिशिएंसी सिर्फ 72.1 प्रतिशत रही है।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में छोड़े 13 कैच

सबसे पहले बात करते हैं टी20 वर्ल्‍ड कप की। जहां सूर्यकुमार यादव की अगुवाई ने लगातार दूसरी ट्रॉफी उठाने से पहले 13 कैच छोड़े और टूर्नामेंट में उसकी कैचिंग एफिशिएंसी 71.7 प्रतिशत रही। उम्‍मीद थी कि टीम मैनेजमेंट और कोचिंग स्‍टाफ इस पर विशेष ध्‍यान देगा और इसमें सुधार करेगा, लेकिन हुआ इसके बिलकुल उलट।

आयरलैंड के खिलाफ दोनों मैचों में टपकाए 3-3 कैच

आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 में भारतीय टीम को 34 रन से हार का सामना करना पड़ा था। उस मैच में भारत की ओर से तीन कैच शिवम दुबे, अभिषेक शर्मा और वाशिंगटन सुंदर ने टपकाए थे। सुंदर का कैच काफी महंगा पड़ा था, क्‍योंकि जीवनदान मिलने के बाद लोर्कन टकर ने अर्धशतक जड़ा था। इसके बाद आयरलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में भी भारत की ओर से तीन कैच ईशान किशन/हर्षित राणा (एक खराब मिक्स-अप की वजह से आसान कैच टपका दिया), प्रिंस यादव और अर्शदीप सिंह ने टपकाए।

भारत बनाम इंग्‍लैंड सीरीज में टपकाए पांच कैच

इंग्‍लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में अक्षर पटेल ने तीसरे ओवर में ही बाउंड्री रोप के पास हैरी ब्रूक कैच ड्रॉप किया। ब्रूक ने उसके बाद 39 रन बनाए। फिर तीसरे मैच में हर्षित राणा ने सैम करन का कैच छोड़ा, जिन्‍होंने उस मैच में 41 रन की पारी खेली। इंग्‍लैंड के खिलाफ 5वें मैच में भारत की ओर से फिर तीन कैच ड्रॉप हुए। सबसे ज्‍यादा नुकसान हैरी ब्रूक का कैच छोड़कर शिवम दुबे ने किया। जब वह सिर्फ तीन रन पर थे। इसके बाद उन्‍होंने नाबाद 95 रन बनाते हुए दूसरे विकेट के लिए रिकॉर्ड 233 रन की साझेदारी की। वहीं, 16वें ओवर में जोस बटलर का कैच शेड्गे ने छोड़ा। जबकि ब्रूक का दूसरा कैच आखिरी ओवर में ईशान किशन ने छोड़ा।

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