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जब विश्व कप में 1 रन से हारी टीम इंडिया

दोस्तों क्रिकेट में हार जीत होती रहती है। लेकिन जब किसी टीम की हार एक या दो रन से हो तो, उसे बहुत मलाल होता है। क्रिकेट इतिहास में भारत को एक बार नहीं बल्कि दो-दो बार यह दर्द झेलना पड़ा है वो भी वर्ल्ड कप में, आइए आपको वो रोचक कहानी बताते हैं।

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Crciket World Cup 1987

जब विश्व कप में 1 रन से हारी टीम इंडिया


क्रिकेट (Cricket) में हार जीत तो लगी रहती है। लेकिन जब हार का अंतर बहुत मामूली होता है तो टीमों को यह खासा चुभता है। और जब आपको पता चले कि कोई टीम वर्ल्ड कप में 1 रन से हार गई है। तो उस टीम पर क्या बीतती होगी। यह दर्द उस टीम से बेहतर और कोई नही समझ सकता है। बता दें कि भारतीय टीम ने यह दर्द 1 बार नही बल्कि 2 बार झेला है। जब क्रिकेट वर्ल्ड कप 1987 और 1992 में भारतीय टीम 1 रन से मैच हार गई थी। आइए आपको पूरी कहानी तसल्ली से बताते हैं


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भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया (9 अक्टूबर, 1987 क्रिकेट वर्ल्ड कप)

यह भारतीय टीम के लिए 1983 विश्व कप जीतने के बाद दूसरा बड़ा टूर्नामेंट था भारतीय टीम काफी आत्मविश्वास से भरी हुई थी लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुए इस मैच में उसे 1 रन से हार झेलनी पड़ी थी। इस मैच में भारत और ऑस्ट्रेलिया की तरफ से दो दिग्गजों ने भी अपना ओडीआई डेब्यू किया था। भारत की तरफ से नवजोत सिंह सिद्धू और ऑस्ट्रेलिया के तरफ से टॉम मूडी ने वनडे में डेब्यू किया था। दोनो टीमों के बीच यह मैच एमए चिंदबरम स्टेडियम, चेपक में खेला गया था।

मैच की कहानी बताए तो भारत ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला किया और ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट के नुकसान पर 270 रन बनाए। Geoff Marsh ने 110 और David boon ने 49 रनों की बेहतरीन पारी खेली। भारत की तरफ से मनोज प्रभाकर ने 2 जबकि रवि शास्त्री, मनिंदर सिंह और रोजर बिन्नी ने एक-एक विकेट लिया।


इसके बाद लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने भी शानदार शुरूआत करते हुए ऑस्ट्रेलिया को करारा जवाब दिया। बता दें कि एक समय भारतीय टीम का स्कोर 2 विकेट पर 207 रन था और भारतीय टीम आसानी से ये मैच जीत रही थी। लेकिन क्रेग मैक्डरमॉट ने लगातार अंतराल पर नवजोत सिंह सिद्धू (73), दिलीप वेंगसरकर (29) और मोहम्मद अजहरुद्दीन (10) का विकेट निकालकर मैच का रुख पर आस्ट्रेलिया की तरफ मोड़ दिया।

207 रन पर 2 विकेट गंवाने वाली भारतीय टीम 269 के स्कोर पर ऑल आउट हो गई। इस तरह भारतीय टीम को 1 रन से करारी हार का सामना करना पड़ा। भारत की ओर से नवजोत सिंह सिद्धू ने 73 रन और श्रीकांत ने 70 रनों की पारी खेली।

भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया (1 मार्च, 1992 क्रिकेट वर्ल्डकप)

भारत को दूसरी बार भी क्रिकेट वर्ल्ड कप में 1 रन से हार ऑस्ट्रेलिया के द्वारा ही मिली। यह कहानी 1992 वर्ल्ड के कप की है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच में यह मैच ब्रिसबेन क्रिकेट ग्राउंड, ऑस्ट्रेलिया में हुआ। ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट के नुकसान पर 237 रन बनाए। इस बारिश बाधित मैच में भारत को 47 ओवर में 236 रन बनाने का लक्ष्य दिया गया।

जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम मात्र 234 रनों पर ऑल आउट हो गई। इस मैच में मोहम्मद अजहरुद्दीन ने 93 और संजय मांजरेकर ने 47 रनों की पारी खेली। ऑस्ट्रेलिया के डीन जोंस को 90 रनों की बेहतरीन पारी खेलने की वजह से मैन ऑफ द मैच चुना गया।

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