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सूर्यकुमार यादव के लिए कल का दिन होगा बेहद खास, इस वजह से सालों तक याद रहेगा भारत-पाक का मुकाबला

बचपन से ही खेलों के प्रति सूर्यकुमार यादव का खास लगाव था। उन्हें क्रिकेट के साथ बैडमिंटन का भी शौक था, लेकिन जब इन दोनों खेलों में से किसी एक को चुनने का समय आया, तो सूर्या ने क्रिकेट को तरजीह दी।

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भारत

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Himadri Joshi

Sep 13, 2025

Suryakumar yadav

सूर्यकुमार यादव 35 साल के हुए (फोटो- IANS)

दुबई के इंटरनेशनल स्टेडियम में रविवार को भारतीय टीम का सामना पाकिस्तान से होगा। 14 सितंबर को देश हिंदी दिवस मना रहा होगा तो कई लोग इस मैच का विरोध भी कर रहे होंगे। यही नहीं सूर्याकुमार यादव अपना 35वां जन्मदिन भी मना रहे होंगे। इसी दिन टीम इंडिया पाकिस्तान का सामना करेगी और मैच का परिणाम जो भी हो, सूर्याकुमार यादव को सालों तक याद रहेगा। अपनी आक्रामक और इनोवेटिव बैटिंग से टीम इंडिया को कई मैच जिताने वाले सूर्या एक कप्तान के रूप में सकारात्मक सोच, साहस और टीम को साथ लेकर चलने की क्षमता, उन्हें एक खास क्रिकेटर बनाती है।

35 साल के हुए सूर्या

14 सितंबर 1990 को मुंबई में जन्मे सूर्यकुमार यादव के पिता भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे। बचपन से ही खेलों के प्रति सूर्यकुमार यादव का खास लगाव था। उन्हें क्रिकेट के साथ बैडमिंटन का भी शौक था, लेकिन जब इन दोनों खेलों में से किसी एक को चुनने का समय आया, तो सूर्या ने क्रिकेट को तरजीह दी। साल 2010 में घरेलू क्रिकेट करियर की शुरुआत करने वाले इस दाएं हाथ के बल्लेबाज ने मुंबई के लिए रणजी ट्रॉफी में डेब्यू करते हुए 73 रन बनाए थे। अगले सीजन नौ मैचों में 754 रन बनाए। इस दौरान उड़ीसा के खिलाफ दोहरा शतक जड़ा।

साल 2012 में सूर्या को एमआई की ओर से सिर्फ एक ही मैच खेलने का मौका मिला, जिसमें खाता नहीं खोल सके। इसके बाद अगले चार सीजन कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के लिए खेले। साल 2018 में सूर्या एक बार फिर मुंबई इंडियंस के पास लौटे और एक ही सीजन में 512 रन बना दिए। अगले दो सीजन में उन्होंने 424 और 480 रन बनाते हुए मुंबई की कई जीत में अहम योगदान दिया। आईपीएल 2025 में सूर्या ने 65.18 की औसत के साथ बल्लेबाजी करते हुए 717 रन जुटाए।

सूर्यकुमार यादव आईपीएल के जरिए अपनी खास पहचान बना चुके थे, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डेब्यू के लिए उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा। आखिरकार, साल 2021 में उनकी तपस्या पूरी हुई। इसी साल उन्होंने टी20 के बाद वनडे फॉर्मेट में भी डेब्यू किया। साल 2023 में उन्हें टेस्ट मैच खेलने का भी मौका मिला। सूर्या के पास मैदान के चारों ओर शॉट खेलने की क्षमता है। उन्होंने बल्लेबाजी के दौरान तरह-तरह के शॉट लगाकर विपक्षी खेमे को अक्सर चौंकाया है।

तेज स्ट्राइक रेट के साथ रन गति बनाए रखने में माहिर सूर्या ने सिर्फ स्पिन ही नहीं, बल्कि पेस गेंदबाजों के खिलाफ भी सहजता के साथ बल्लेबाजी की। सूर्या न सिर्फ एक शानदार फिनिशर, बल्कि एक एंटरटेनर भी हैं, जो दबाव से टीम को बाहर निकालने की काबिलियत रखते हैं। सूर्यकुमार यादव को साल 2024 में नियमित रूप से टी20 टीम की कमान सौंपी गई। हालांकि, इससे पहले भी वह कुछ मौकों पर टीम इंडिया का जिम्मा संभाल चुके थे। सूर्या के आक्रामक, निडर और सकारात्मक दृष्टिकोण ने उन्हें इस फॉर्मेट का लाजवाब कप्तान बनाया।

कप्तानी में बेमिसाल हैं सूर्या

दबाव में शांत रहने वाले इस कप्तान ने युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताते हुए उन्हें भरपूर मौके दिए। बतौर कप्तान उनकी खासियत गेंदबाजी में लगातार बदलाव और फील्ड सेटिंग में रचनात्मकता लाना है। आंकड़े सूर्या को एक सफल टी20 कप्तान साबित करते हैं, जिन्होंने अब तक 23 मुकाबलों में भारत की कमान संभाली है, जिसमें 18 जीत और सिर्फ चार हार शामिल हैं। इसके अलावा, एक मुकाबला टाई रहा। एक कप्तान के तौर पर सूर्या का जीत प्रतिशत 80.43 है।

सूर्यकुमार यादव ने भारत की ओर से 84 टी20 मुकाबले खेले, जिसमें 38.30 की औसत के साथ 2,605 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 4 शतक और 21 अर्धशतक निकले। सूर्या ने 37 वनडे मुकाबलों में 4 अर्धशतकों के साथ 773 रन अपने नाम किए हैं। सूर्या 86 फर्स्ट क्लास मुकाबलों में 42.33 की औसत के साथ 5,758 रन बना चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 14 शतक और 30 अर्धशतक लगाए। वहीं, 144 लिस्ट-ए मुकाबलों में यह बल्लेबाज 3,665 रन अपने नाम कर चुका है।