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OMG! अंपायरों को बीच मैच सैलरी मांगना पड़ा भारी, पुलिस बुलाकर फिकवा दिया मैदान के बाहर, जानें पूरा मामला

अमेरिकन प्रीमियर लीग (APL) के पहले सीजन में एक बड़ा विवाद सामने आया है। जब अंपायरों ने अपनी सैलरी मांगी तो आयोजकों ने उन्‍हें पुलिस बुलाकर मैदान से बाहर फिकवा दिया। टी20 लीग में ये अजीबोगरीब नजारा देख हर कोई हैरान रह गया।

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अमेरिकन प्रीमियर लीग (APL) के पहले ही सीजन के सेमीफाइनल मैच से ठीक पहले एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। दरअसल, आयोजकों से अपनी सैलरी का बकाया भुगतान मांग रहे थे। उन्होंने अंपायरिंग करने से भी साफ मना कर दिया। जिसके बाद मैदान पर अजीबोगरीब स्थिति बन गई। इस दौरान कथित तौर पर पुलिस ने अंपायरों को उठाकर मैदान से बाहर फेंक दिया। अंपायरों का दावा है कि आयोजक बकाया राशि के भुगतान में आनाकानी कर रहे थे। इसलिए उन्होंने मैच से पहले अपनी सैलरी मांगी थी।


अंपायरों ने शर्त रखी कि एपीएल के मालिक जय मीर पहले हमारे 30 हजार डॉलर की बकाया राशि का भुगतान करें। इसके बाद ही सेमीफाइनल मैच आगे बढ़ेगा। वहीं, एपीएल आयोजक का दावा था कि अंपायरों को अग्रिम भुगतान किया गया था। इसके बावजूद उन्होंने अतिरिक्त भुगतान की मांग की और सेमीफाइनल रोकने तक की धमकी दे दी। इसलिए पुलिस बुलाकर अंपायरों को मैदान से बाहर फिकवा दिया।

लीग की ओर से किया गया ये पोस्‍ट

एपीएल ने एक्स पर पोस्‍ट करते हुए बताया कि अंपायरों को डाउन पेमेंट की गई थी। इसके बाद भी उन्होंने सेमीफाइनल रोकने की कोशिश की और लीग मालिक को 30 हजार के भुगतान के लिए ब्लैकमेल किया गया। डैनी खान, ब्रायन ओवेन्स, विजया को बताया कि वह अंपायर के रूप में ब्लैकमेल नहीं कर सकते और सेमीफाइनल नहीं रोक सकते हैं, लेकिन लालची अंपायर तब भी अड़े रहे, जब उन्‍हें जाने को कहा गया।

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'अंपायर को कभी मैच नहीं रोकना चाहिए'

पोस्ट में आगे लिखा है कि अंपायरों ने जब मैदान से हटने पर मना कर दिया तो मैच को रोककर पुलिस बुलानी पड़ी। इसके बाद अंपायरों को मैदान से बाहर फिकवा दिया गया। अंपायर को कभी मैच नहीं रोकना चाहिए। खासकर जब वह अच्‍छे से जानते हों कि ये प्लेऑफ है। लीग के मालिक को भी इस तरह से ब्लैकमेल नहीं करना चाहिए था।

फिर इन्होंने की अंपायरिंग

अंपायरों को बाहर फिकवाने के बाद सेमीफाइनल प्‍लान के तहत खेला गया। अंपायर की भूमिका लीग मालिक के भाई और बल्लेबाजी टीम के एक खिलाड़ी ने निभाई। इसके अलावा संयुक्त राज्य अमेरिका के आईसीसी पैनल अंपायर विजय प्रकाश ने पत्रकार पीटर डेला पेन्ना को बताया कि मूल अंपायरों को 30000 डॉलर का भुगतान नहीं किया गया था। जब उन्होंने सेवा भुगतान की मांग की तो पुलिस बुला ली गई।

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