
Virat Kohli and Rohit Sharma (Photo-ANI)
Virat-Rohit were 'removed' from Tests: विराट कोहली के भाई विकास कोहली ने हेड कोच गौतम गंभीर और अजीत अगरकर की अगुवाई वाली सेलेक्शन कमेटी पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर निशाना साधा है। इसके साथ ही उन्होंने टेस्ट फॉर्मेट में टीम की भारी गिरावट के लिए दोषी भी ठहराया, जिसमें कभी उनका दबदबा था। इतना ही उन्होंने कहा कि रोहित और विराट टेस्ट से खुद नहीं हटे, उन्हें हटा दिया गया। बता दें कि उनके पोस्ट भारत के गुवाहाटी में चौथे दिन 549 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए दो विकेट जल्दी गंवाने के तुरंत बाद आए थे, लेकिन बाद में उन्हें डिलीट कर दिया गया।
दिसंबर 2012 और अक्टूबर 2024 के बीच भारत घर में एक भी टेस्ट सीरीज नहीं हारा। इस दौर को टेस्ट क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े दौर में से एक माना जाता है। यह टीम कोहली की लीडरशिप में बनी थी, जिसके बाद 2022 की शुरुआत में उन्होंने रोहित शर्मा को कमान सौंपी। भारत न सिर्फ अपने घर में अजेय था, बल्कि कोहली की टीम ऑस्ट्रेलिया में लगातार बॉर्डर-गावस्कर सीरीज जीतकर अब तक की सबसे मजबूत ट्रैवलिंग यूनिट्स में से एक बन गई।
इंस्टाग्राम के थ्रेड्स पर विकास कोहली ने उन दौरों के बीच के बड़े अंतर को हाईलाइट किया कि एक टीम जो कभी विदेशी हालातों को जीतने का लक्ष्य रखती थी, अब घर पर जीतने के लिए संघर्ष कर रही है। विकास ने थ्रेड्स पोस्ट में लिखा, "एक समय था जब हम विदेशी हालातों में भी जीतने के लिए खेलते थे… अब हम मैच बचाने के लिए खेल रहे हैं… भारत में भी.. ऐसा तब होता है जब आप बॉस बनने की कोशिश करते हैं और उन चीजों को गैर-जरूरी बदलते हैं जो टूटी नहीं थीं।" हालांकि इस पोस्ट को बाद में उन्होंने डिलीट कर दिया।
एक अलग पोस्ट में, जो वायरल हो गया, विकास ने फिर से बीसीसीआई पर निशाना साधा और कहा कि रोहित और कोहली टेस्ट क्रिकेट से दूर नहीं हुए, बल्कि उन्हें हटा दिया गया। उन्होंने इंडिया के अप्रोच की तुलना साउथ अफ्रीका से करते हुए कहा कि प्रोटियाज "एक प्रॉपर टेस्ट मैच टीम खेलने" की बेसिक बातों पर अड़े रहे।
जबकि इंडिया ने सीनियर प्लेयर्स को साइडलाइन करने, XI में ऑल-राउंडर्स को ओवरलोड करने और यहां तक कि वाशिंगटन सुंदर को नंबर 3 पर भेजने का ऑप्शन चुना। विकास ने आगे कहा कि हालांकि उन्हें अब भी उम्मीद है कि इंडिया गुवाहाटी में आखिरी दिन कोई चमत्कार कर सकता है, लेकिन टीम जिस सिचुएशन में है, उसके लिए अकाउंटेबिलिटी होनी चाहिए।
विकास ने दूसरी पोस्ट में लिखा था, "तो चलिए इसे समझते हैं, टीम इंडिया की स्ट्रैटेजी, सीनियर एक्सपीरियंस्ड प्लेयर्स को हटाओ। प्रॉपर 3/4/5 बैट्समैन को हटाओ। नंबर 3 पर बॉलर को खिलाओ। ऑल ऑलराउंडर्स का इस्तेमाल करो।
साउथ अफ्रीका स्ट्रैटेजी: प्रॉपर टेस्ट मैच टीम खिलाओ, स्पेशलिस्ट ओपनर्स, स्पेशलिस्ट नंबर 3/4/5/6 बैट्समैन, स्पेशलिस्ट स्पिनर्स, स्पेशलिस्ट फास्ट बॉलर्स और शायद 1 ऑलराउंडर। हालांकि मैं सच में चाहता हूं कि टीम इंडिया जीते, लेकिन अब सवाल पूछने की जरूरत है… कौन जिम्मेदार है?
पिछले जुलाई में गौतम गंभीर के हेड कोच बनने के बाद से भारत अब चार मैचों में दूसरी होम टेस्ट सीरीज में व्हाइटवॉश की तरफ देख रहा है। सितंबर में बांग्लादेश के खिलाफ जीत के साथ अपने कार्यकाल की शुरुआत करने के बाद भारत को न्यूज़ीलैंड से घरेलू हार का सामना करना पड़ा और फिर ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी गंवानी पड़ी। इन लगातार हार ने भारत को 2023-25 साइकिल में WTC फाइनल में जगह बनाने की कगार से बाहर कर दिया।
कोहली, रोहित और रविचंद्रन अश्विन के रिटायरमेंट के बाद भारत शुभमन गिल की लीडरशिप में इंग्लैंड में 2-2 से ड्रॉ करने में कामयाब रहा। हालांकि, एक राय यह भी है कि टीम को बेन स्टोक्स की कमजोर लीडरशिप वाली टीम को हराना चाहिए था। फिर उन्होंने वेस्टइंडीज को घर पर हराया और नए सिस्टम में वे स्थिर होते दिखे। लेकिन, जब ऐसा लग रहा था कि भारत ने अपनी पकड़ फिर से बना ली है तो साउथ अफ्रीका ने आगे आने वाली चुनौतियों की एक गंभीर याद दिला दी है।
Updated on:
26 Nov 2025 07:59 am
Published on:
26 Nov 2025 07:59 am
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