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वर्ल्ड कप 2027 को लेकर विराट कोहली ने दिया बड़ा बयान, कहा – अब भी अपनी काबिलियत साबित करनी है, तो मेरी जगह नहीं बनती

कोहली ने आगे कहा, "अगर मुझे यह महसूस कराया गया कि मुझे अपनी कीमत साबित करनी है, तो वह जगह मेरे लिए नहीं है। मैं अपनी तैयारी और मेहनत को लेकर पूरी तरह ईमानदार हूं।"

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भारत

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Siddharth Rai

May 15, 2026

BCCI 2027 World Cup Probables

पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली (Photo - IANS)

Virat Kohli, World Cup 2027: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली इन दिनों शानदार फॉर्म में हैं। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में उनका बल्ला लगातार बोल रहा है और वे एक के बाद एक रन बनाते जा रहे हैं। इसी बीच कोहली ने एक बार फिर साफ संकेत दे दिया है कि वे 2027 वर्ल्ड कप खेलना चाहते हैं।

कोहली खेल को सच्चे दिल से प्यार करते हैं

अब विराट क्रिकेट को सिर्फ पैसे या शोहरत के लिए नहीं खेलते। वे खेल को सच्चे दिल से प्यार करते हैं। उनके करियर में लगभग हर बड़ी उपलब्धि हासिल हो चुकी है, उनके पास 50 ओवर वर्ल्ड कप, टी20 वर्ल्ड कप, दो चैंपियंस ट्रॉफी और आईपीएल ट्रॉफी हैं। अब जब वे केवल वनडे और आईपीएल पर फोकस कर रहे हैं, तो उनका नजरिया भी पूरी तरह बदल गया है।

आरसीबी के पॉडकास्ट में मयांती लंगर से बात करते हुए विराट ने खुलकर अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने कहा, “मिड-2026 चल रहा है और लोग बार-बार पूछते रहते हैं कि 2027 वर्ल्ड कप खेलोगे या नहीं? मैं घर छोड़कर, सामान लेकर क्यों आऊं अगर मुझे खुद नहीं पता कि क्या करना है। मैं बिल्कुल खेलना चाहता हूं। भारत के लिए वर्ल्ड कप खेलना कमाल का एहसास है। लेकिन वैल्यू क्लियर होनी चाहिए।”

कीमत साबित करनी पड़े तो नहीं खेलुंगा

कोहली ने आगे कहा, "अगर मुझे यह महसूस कराया गया कि मुझे अपनी कीमत साबित करनी है, तो वह जगह मेरे लिए नहीं है। मैं अपनी तैयारी और मेहनत को लेकर पूरी तरह ईमानदार हूं।" 37 वर्षीय कोहली अब केवल वनडे क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने टी20 इंटरनेशनल और टेस्ट क्रिकेट से पहले ही संन्यास ले लिया है, लेकिन वनडे में उनका जुनून अब भी बरकरार है।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "अगर मुझे लगता है कि मैं टीम के माहौल में कुछ वैल्यू ऐड कर सकता हूं और टीम को भी लगता है कि मैं योगदान दे रहा हूं, तो मैं खेलूंगा। लेकिन अगर मुझे बार-बार अपना वजूद साबित करना पड़े, तो वो जगह मेरे लिए नहीं है। मैं सिर झुकाकर मेहनत करता हूं। भगवान का शुक्र है, जितना मुझे मिला है, उससे ज्यादा मैंने कभी सोचा भी नहीं था।"

विराट ने यह भी साफ किया कि अब वे किसी की तारीफ या वैलिडेशन के लिए नहीं खेलते। उन्होंने कहा, “जब मैं मैदान पर उतरता हूं तो पूरा जोर लगाता हूं। बॉउंड्री से बॉउंड्री दौड़ना हो या 40 ओवर फील्डिंग करनी हो, कोई शिकायत नहीं। मैं हर गेंद को आखिरी गेंद की तरह खेलता हूं। इतनी मेहनत के बाद भी अगर मुझे अपनी जगह साबित करनी पड़े, तो वो टीम मेरे लिए नहीं है।”

वापसी के समय भी उनका माइंडसेट यही था। उन्होंने कहा, “मैं किसी को कुछ साबित करने नहीं जा रहा, बस खेलने जा रहा हूं क्योंकि मुझे बल्लेबाजी पसंद है।” कोई चाहे या न चाहे, विराट का जोश आज भी पहले जैसा ही है। विकेट गिरे तो चीख निकलती है, मजा आए तो डांस कर लेते हैं और विपक्षी को भी जवाब देते हैं। वे पूरी तरह मैच में डूबे रहते हैं।

पिछले साल छह महीने के ब्रेक के बाद जब उन्होंने वापसी की, तो वनडे में धमाका कर दिया, सिर्फ सात मैचों में तीन शतक और तीन अर्धशतक जड़ दिए। अभी भी वे बेहतरीन फॉर्म में हैं। लंदन में छुपकर तैयारी करते हैं, इसलिए फॉर्म में कभी जंग नहीं लगती। हालांकि चयनकर्ता चेयरमैन अजित अगरकर और हेड कोच गौतम गंभीर की तरफ से कोहली को लेकर अभी कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है, लेकिन जो लोग विराट को मैदान पर देख रहे हैं, वे अच्छी तरह जानते हैं कि वह अभी भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में शुमार हैं।