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‘यह अब क्रिकेट नहीं, कुछ और ही है’, विराट कोहली ने बताया क्यों बदल गया है आज का T20 गेम, युवाओं और दिग्गजों पर कही बड़ी बात

Virat Kohli on T20 cricket: विराट कोहली ने बताया कि आज का T20 क्रिकेट अब सिर्फ एक फॉर्मेट नहीं, बल्कि एक बिल्कुल अलग खेल बन चुका है। क्या अब यह सिर्फ युवाओं का गेम रह गया है? जानें कोहली का चौंकाने वाला खुलासा।
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भारत

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Anshika Verma

•

May 15, 2026

Bhuvneshwar Kumar and Virat Kohli

विराट कोहली के साथ विकेट लेने के बाद जश्न मनाते हुए भुवनेश्वर कुमार। (फाइल फोटो सोर्स: IANS)

Virat Kohli on T20 cricket: T20 क्रिकेट पिछले कुछ सालों में कितना बदल गया है? इसका जवाब है, बहुत ज्यादा! वो जमाना गया जब बल्लेबाज सिर्फ गेंद देखता था और बल्ला घुमा देता था। आज का गेम तकनीक, इनोवेशन और हालात के हिसाब से खुद को ढालने का है। नए-नए शॉट्स, बॉटम-हैंड पावर और बल्लेबाजों के अनोखे अंदाज ने खेल की परिभाषा बदल दी है। लेकिन सिर्फ बल्लेबाज ही नहीं, गेंदबाज भी खुद को बचाने के लिए नकल बॉल, वाइड यॉर्कर और स्लोअर डिलीवरी जैसे नए हथियार अपना रहे हैं। वहीं फील्डिंग का स्तर तो अब आसमान छू रहा है।

क्या T20 सिर्फ युवाओं का खेल रह गया है?

अक्सर कहा जाता है कि T20 युवाओं का खेल है, लेकिन आंकड़े कुछ और ही कहते हैं। एक तरफ जहां वैभव सूर्यवंशी, प्रियांश आर्या और अभिषेक शर्मा जैसे युवा सितारे अपनी चमक बिखेर रहे हैं, वहीं 35 साल से ज्यादा उम्र के अनुभवी खिलाड़ी भी पीछे नहीं हैं। विराट कोहली (37 साल) आज भी उसी जोश के साथ रन बना रहे हैं और इस सीजन में RCB के लीडिंग रन-स्कोरर हैं। भुवनेश्वर कुमार (36 साल) अपनी गेंदबाजी से आज भी बल्लेबाजों को नचा रहे हैं और टॉप विकेट लेने वालों की लिस्ट में शामिल हैं। क्रुणाल पांड्या (35 साल) इस सीजन में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के लिए कई बार गेम-चेंजर साबित हुए हैं।

'चैंपियंस लीग फुटबॉल जैसा है रोमांच' - विराट

एक हालिया पॉडकास्ट में विराट कोहली ने इस बदलाव पर गहराई से बात की। कोहली का मानना है कि T20 अब सिर्फ क्रिकेट का एक फॉर्मेट नहीं रहा, बल्कि यह एक बिल्कुल अलग खेल बन चुका है। कोहली ने कहा, 'आज के समय में हर गेंद एक बड़ी घटना है। हर बॉल पर मोमेंटम बदल सकता है। यह बिल्कुल हाई-इंटेंसिटी 'चैंपियंस लीग फुटबॉल' की तरह हो गया है, जहां आपकी एक गलत पास या एक छोटी सी चूक आपको टूर्नामेंट से बाहर कर सकती है। टैलेंट अब सातवें आसमान पर है।'

सचिन और स्मिथ का दिया उदाहरण

कोहली ने आगे समझाया कि सफलता पाने के सबके अपने तरीके होते हैं। उन्होंने महान सचिन तेंदुलकर और ग्रीम स्मिथ का उदाहरण दिया। कोहली के मुताबिक, सचिन का बल्ला बिल्कुल सीधा आता था, जो परफेक्शन की मिसाल था। वहीं ग्रीम स्मिथ का अंदाज अलग था, उनके लिए ऑफ-साइड पर खेलना मुश्किल लगता था, लेकिन ऑन-साइड पर वह अनबीटेबल थे। कोहली ने बताया कि उन्होंने और केएल राहुल ने भी इस पर चर्चा की थी कि आज का क्रिकेट कैसे बदल गया है। कोहली ने कहा, 'सबका अपना स्टाइल होता है। एबी डिविलियर्स जैसा परफेक्शन हर किसी के पास नहीं होता, लेकिन लोग अपने-अपने तरीके से कामयाब होने का रास्ता ढूंढ ही लेते हैं।'